त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का कर लिया है। त्रीसा और गायत्री ने क्वार्टर फाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू जियान की जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। विश्व चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में पहुंचते ही पदक पक्का हो जाता है। त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने जिया और जियान की जोड़ी को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया।
2011 के बाद महिला युगल में भारत को मिलेगा पदक
त्रीसा और गायत्री का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है। 15 साल बाद ऐसा हो रहा है कि विश्व चैंपियनशिप में महिला युगल जोड़ी ने पदक पक्का किया है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में खेले गए इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
पिछड़ने के बाद की वापसी
भारत की गैर-वरीयता प्राप्त जोड़ी शुरुआत में पिछड़ रही थी, लेकिन इन्होंने वापसी करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। त्रीसा ने चोट से वापसी करते हुए दमदार प्रदर्शन किया। त्रीसा और गायत्री की जोड़ी पहला गेम गंवा बैठी थी, लेकिन इस भारतीय जोड़ी ने घरेलू परिस्थिति का फायदा उठाया और भारत के लिए पदक पक्का किया। त्रीसा और गायत्री ने 2022 और 2023 में ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं। उन्होंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रही थीं।
चोट के कारण परेशान रहीं त्रीसा
इस साल एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप की तैयारियां करते वक्त त्रीसा के टखने में चोट लग गई थी। अभ्यास करते वक्त वह अपने पार्टनर के पैर पर चढ़ गईं जिससे उनका टखना मुढ़ गया था। इसके बाद उनकी एमआरआई हुई जिससे पता चला कि उनकी चोट गंभीर है। रिहैब के बाद त्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की और फिर फिलिपिंस इंटरनेशनल चैलेंज में हिस्सा लेने से पहले यूएस ओपन में शिरकत की थी।