रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधू और लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल मंगलवार से शुरू हो रही एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिताब जीतकर 54 साल का स्वर्णिम सूखा खत्म करना चाहेंगी।
भारत के लिए एकमात्र स्वर्ण पदक 1965 में दिनेश खन्ना ने जीता था।
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताई जू यिंग की गैरमौजूदगी में भारतीय शटलरों का स्वर्ण पदक का दावेदार माना जा रहा है। साइना ने ताई के खिलाफ 20 में से पांच, जबकि सिंधू ने 14 में से चार जीते हैं। सिंधू अपने अभियान की शुरुआत जापान की सायाका ताकाशी, जबकि साइना हान यूई के खिलाफ पहला मुकाबला खेलेगी।