साइना नेहवाल को लेकर कोच गोपीचंद चिंतित जरूर हैं लेकिन उनकी दमदार वापसी को लेकर उन्हें किसी तरह की शंका नहीं है। गोपी यहां तक साफ कर देते हैं कि साइना में बड़े स्तर बने रहने की कूवत है और वह कुछ सालों तक अच्छी तरह खेल सकती हैं। यही नहीं गोपी को लगता है कि साल 2018 की विफलता अब पीछे छूट जाएगी। इसका कारण नए विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ का अनुबंधित होना है। इससे उन्हें भी काम करने की स्वतंत्रता मिलेगी।
गोपी साइना के बारे में खुलासा करते हैं कि वह अगले माह मलेशिया में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में खेलने जा रही हैं। उनकी बीमारी बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन उन्हें बेहद सजक रहने की जरूरत है। खासतौर पर डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें लगातार रहना होगा। रही बात उनके कोर्ट में उतरने की तो इसके लिए सबसे जरूरी उनका पूरी तरह स्वस्थ्य होना है। वह उबर रही हैं। उन्हें लगता है कि साइना में इतनी काबलियत है कि वह एक बार लय में आईं तो आसानी से पुरानी फार्म को वापस पा लेंगी। उन्हें इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीतकर यह दिखाया भी है।
गोपी साफ तौर पर तो यह नहीं कहते हैं कि बीते वर्ष कुछ विदेशी कोच के छोड़ जाने से टॉप शटलरों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ, लेकिन वह यह जरूर कहते हैं कि नए विदेशी कोच आने से स्थितियां बदलेंगी। सभी को जिम्मेदारियां दे दी गई हैं। अब उन्हें भी कुछ स्वतंत्रता मिलेगी जिससे वह रणनीति और कोचिंग पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे। वहीं गोपी को लगता है कि आने वाले समय में अच्छे भारतीय कोच भी मिलने लगेंगे जो वर्तमान में समय की जरूरत है। गोपी का कहना है कि प्लेटफार्म तैयार है। श्रीकांत, समीर वर्मा, प्रणय, कश्यप जैसे अन्य शटलर बड़े स्तर पर खेल रहे हैं आने वाले समय में इनमें से कुछ इस जिम्मेदारी को निभा सकते हैं।