लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और पूर्व विश्व नंबर एक शटलर साइना नेहवाल नाराजगी के चलते गोपीचंद अकादमी में चल रहे नेशनल कैंप में अब तक शामिल नहीं हुई हैं। साइना की नाराजगी की वजह उनके पति परुपल्ली कश्यप को ओलंपिक की तैयारियों के कैंप से बाहर रखना है। साइना ने साई और बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बाई) से कश्यप के टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफाई करने के अवसरों को देखते हुए उन्हें कैंप में रखने की गुहार लगाई है, लेकिन कोई फैसला नहीं होने पर उन्होंने खुद कैंप से दूरी बना ली।
विश्व रैंकिंग 25 फिर भी कैंप में नहीं
साइना ने साई और बाई को लिखे पत्र में कहा है कि वह कश्यप को पति होने के नाते या फिर किसी सौंवी रैंकिंग से नीचे के शटलर को कैंप में शामिल करने के लिए नहीं कह रही हैं। इसके पीछे ठोस कारण है। कश्यप की इस वक्त विश्व रैंकिंग 25 है। उनके टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बाहरी अवसर अब भी बचते हैं। निकट भविष्य में होने वाले बीडब्लूएफ टूर्नामेंटों में वह अच्छा प्रदर्शन कर इन संभावनाओं पर खरे उतर सकते हैं। ऐसे में उन्हें एकदम से ओलंपिक की तैयारियों से खारिज करना गलत होगा।
आठ में से चार शटलर कर रहे तैयारी
बाई की मान्यता नहीं होने के चलते साई ने आठ शटलरों का सात अगस्त से हैदराबाद में कैंप लगाया। कैंप में आठ में से सिर्फ चार शटलर पीवी सिंधू, सिक्की रेड्डी, साई परणीत, के श्रीकांत यहां तैयारियां कर रहे हैं। सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी कैंप में पहुंचे नहीं हैं। अश्वनी पोनप्पा बंगलूरू स्थित प्रकाश पादुकोण अकादमी में तैयारी कर रही हैं और साइना गोपी अकादमी के साथ में ही कश्यप व अन्य राष्ट्रीय स्तर के शटलरों के साथ तैयारियां कर रही हैं।
कैंप में शामिल करने का दिया जाएगा प्रस्ताव
बाई के सेक्रेटरी जनरल अजय सिंघानिया का कहना है कि फेडरेशन कोशिश कर रही है कि कैंप में कुछ शटलरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए साई को जल्द प्रस्ताव दिया जाएगा। जिसमें कश्यप को शामिल किया जाएगा।