मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की जोड़ी प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की ली जुन्हुई और लियु युचेन की जोड़ी से 21-13, 17-21, 23-25 से हार गई। महिला युगल के क्वार्टरफाइनल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की भारतीय जोड़ी को चीन की चेन किंगचेन और जिया यिफान की जोड़ी से 11-21 22-24 से हार मिली।
महिला एकल में सिंधु ने शानदार शुरूआत करते हुए 8-1 की बढ़त ले ली लेकिन ग्रेगोरिया ने वापसी की और बढ़त के अंतर को 7-10 कर दिया। सिंधु ने इसके बाद शानदार स्मैश के दम पर पहले गेम में ब्रेक के समय स्कोर को 11-8 कर दिया।
इस बीच इंडोनेशिया की 19 साल की खिलाड़ी ने सिंधु के खिलाफ अपना कौशल दिखाया लेकिन तब तक सिंधु लय पा चुकी थी और उन्होंने पहले सेट को 21-12 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में भी सिंधु ने अच्छी शुरुआत कर बढ़त को 6-2 और फिर 11-4 कर दिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की हौसलाअफजाई से ग्रेगोरिया ने अगले 12 में आठ अंक अपने नाम कर स्कोर को 12-15 कर दिया। ताकत और शानदार खेल के दम पर सिंधु ने इसके बाद विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया और मैच अपने नाम कर लिया।
इससे पहले साइना को सिर्फ दूसरे गेम में थोड़ी चुनौती मिली। उसने 8-5 से बढत बना ली लेकिन साइना ने उसे वापसी का मौका नहीं दिया।
साइना ने 19-14 से बढत बना ली। फित्रियानी का अगला रिटर्न बेसलाइन के ऊपर रह गया जिससे साइना ने जीत दर्ज करके अंतिम आठ में जगह बनाई।
जीत के बाद उसने कहा, ‘यह आसान जीत थी लेकिन प्रतिद्वंद्वी आसान नहीं थी। उसने टीम चैम्पियनशिप में नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। दर्शक भी उसके साथ थे और हालात कठिन थे।’
उसने कहा,’यहां फुटबाल या क्रिकेट मैच जैसा माहौल था। आपको कइयों के खिलाफ खेलना होता है लेकिन दर्शक मेरे लिए भी तालियां बजाते हैं तो मैं खुश हूं। जब आप अंक गंवाने लगते हैं और दर्शक आपका साथ देते हैं तो काफी मदद मिलती है । वह दूसरे गेम में इसी स्थिति में थी और मुझे खुशी है कि कठिन हालात से निकलकर मैने जीत दर्ज की।’
साइना ने कहा कि एशियाई खेलों जैसे बड़े टूर्नामेंटों में खेलने से अतिरिक्त दबाव बनता है और एकाग्रता बनाए रखना आसान नहीं होता।