बीडल्यूएफ के व्यस्त कैलेंडर के कारण पिछले साल साई प्रणीत की फिटनेस पर असर पड़ा है। हालांकि इस शटलर ने कहा कि ओलंपिक क्वालिफकेशन वर्ष में वह अपने टूर्नामेंटों का चयन सतर्कता के साथ करेंगे। अगले महीने आल इंग्लैंड चैंपियनशिप की तैयारी के लिए उनकी निगाह राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब जीतने पर हैं।
गत चैंपियन एचएस प्रणय और उप विजेता किदांबी श्रीकांत के फिटनेस मुद्दों के कारण हटने के बाद पूर्व चैंपियन प्रणीत क्वालिफायर के साथ शुरू हुई 83वीं सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खिताब के दावेदारों में हैं।
प्रणीत ने कहा, ‘पिछले सत्र में मुझे अपनी फिटनेस और आत्मविश्वास को लेकर जूझना पड़ा क्योंकि काफी सारे टूर्नामेंट थे। इसलिए मैं फिटनेस को बरकरार नहीं रख पाया। जून से दिसंबर तक मैं लगातार खेलता रहा, इसलिए यह सब फिटनेस से जुड़ा है। अब मैं ठीक हूं और भाग्य से कोई चोट नहीं है। मैं अगले महीने होने वाले आल इंग्लैंड को लेकर उत्सुक हूं। राष्ट्रीय चैंपियनशिप तैयारी के लिए अच्छा मैच अभ्यास होगा। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले इससे आत्मविश्वास में मदद मिलेगी। इसे जीतने के लिए आपको भारत के सभी शीर्ष खिलाड़ियों को हराना होगा। यह आसान नहीं है क्योंकि सभी काफी अच्छा खेल रहे हैं।’
ओलंपिक टिकट के लिए भाग्य के साथ अच्छे प्रदर्शन की जरूरत
ओलंपिक क्वालिफिकेशन का समय 29 अप्रैल 2019 से 26 अप्रैल 2020 होगा और 30 अप्रैल को जारी होने वाली बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग से तय होगा कि किस खिलाड़ी को टोक्यो खेलों में जगह मिलेगी। दुनिया के 26वें रैंकिंग के खिलाड़ी प्रणीत ने कहा कि ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए उन्हें कुछ भाग्य और लगातार अच्छे प्रदर्शन की जरूरत होगी। भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने ओलंपिक से पहले खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए दो कोरियाई कोच किम जी ह्युन और पार्क तेइ सेंग को नियुक्त किया है। हैदराबाद के 26 साल के प्रणीत ने कहा कि वह विदेशी कोच के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
-02साल से कोई खिताब नहीं जीता है आंध्र प्रदेश के 26 वर्षीय प्रणीत ने। उन्होंने अपना आखिरी खिताब जून 2017 में थाईलैंड ओपन के रूप में जीता था। इसके अलावा दो और खिताब कनाडा ओपन और सिंगापुर ओपन भी जीते