दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू दो साल में पहली बार फाइनल में पहुंची हैं। महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में टोक्यो ओलंपिक की चैंपियन चीन की चेन यू फेई रिटायर्ड हर्ट हो गईं जिससे सिंधू ने जापान ओपन के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। सिंधू सेमीफाइनल में 21-19, 15-10 से आगे चल रही थीं, लेकिन विश्व की नंबर चार चेन को हैम्स्ट्रिंग चोट के कारण मैच से हटना पड़ा। इस वजह से सिंधू फाइनल में पहुंच गईं।
आखिरी बार 2022 में जीता था कोई बड़ा खिताब
सिंधू का 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल के बाद यह पहला फाइनल होगा। सिंधू मलयेशिया ओपन सुपर 500 में उपविजेता रही थीं और उन्होंने आखिरी बार कोई बड़ा खिताब 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 में जीता था। सिंधू का रविवार को होने वाले फाइनल में सामना जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुट्री कुसुमा वरडानी के बीच सेमीफाइनल की विजेता से होगा।
चेन के खिलाफ अच्छा नहीं था रिकॉर्ड
दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने चौथे नंबर की वरीयता प्राप्त चेन के खिलाफ अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में 6-8 से पिछड़ने के बाद इस मुकाबले में प्रवेश किया था। चेन ने उनकी पिछली चारों भिड़ंत जीती थीं, जिसमें इस साल के इंडोनेशिया मास्टर्स में सीधे गेम में मिली जीत भी शामिल थी। चेन पर सिंधू की आखिरी जीत 2019 विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में आई थी, जहां वह भारत की पहली बैडमिंटन विश्व चैंपियन बनी थीं।
मैच में सिंधू ने बनाई ली थी पकड़
सिंधू ने सकारात्मक शुरुआत की और मिड-गेम ब्रेक तक 11-7 की बढ़त बनाने से पहले 6-5 से आगे निकल गईं। चेन ने वापसी करते हुए 18-18 से बराबरी कर ली, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपना संयम बनाए रखा और पहला गेम अपने नाम कर लिया। सिंधू ने इस लय को दूसरे गेम में भी बरकरार रखा और 15-10 की बढ़त बना ली, जिसके बाद चेन को चोट के कारण रिटायर हर्ट होने के लिए मजबूर होना पड़ा।