भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने हायलो ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। जर्मनी के सारब्रूकेन में शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने सीधे गेम में जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत के पास महिला और पुरुष एकल दोनों वर्गों में खिताब जीतने का मौका है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने हमवतन अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया। वहीं, लक्ष्य सेन ने फ्रांस के विश्व नंबर-13 टोमा जूनियर पोपोव को 21-17, 21-13 से शिकस्त दी।
लगातार दूसरे सप्ताह फाइनल में पहुंचीं सिंधू
पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रहीं सिंधू ने अपनी शानदार लय जारी रखी। उन्होंने महिला एकल के सेमीफाइनल में 19 वर्षीय अनमोल खरब को कोई मौका नहीं दिया। पहले गेम में अनमोल ने शुरुआती बढ़त जरूर बनाई, लेकिन सिंधू ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल के दम पर वापसी की। उन्होंने पहला गेम 21-13 से जीता।
दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच शुरुआत में कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक समय अनमोल 15-13 से आगे थीं, लेकिन सिंधू ने लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर 15-15 कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी बढ़त बनाई और 21-16 से गेम जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली।
जीत के बाद सिंधू ने कहा, 'मैं काफी लंबे समय बाद उनके खिलाफ खेल रही थी। यह देखकर अच्छा लगा कि सेमीफाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी पहुंची थीं। हालांकि, मेरे लिए प्रतिद्वंद्वी कौन है या उसकी रैंकिंग क्या है, इससे फर्क नहीं पड़ता। मैं सिर्फ अपना खेल खेल रही थी और अपना शत-प्रतिशत दे रही थी। मुझे खुशी है कि मैंने फाइनल में जगह बनाई।' फाइनल में सिंधू का सामना डेनमार्क की आठवीं वरीयता प्राप्त लाइन होजमार्क कजर्सफेल्ट से होगा।
लक्ष्य सेन ने पोपोव को दी शिकस्त
पुरुष एकल के सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन ने फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को 21-17, 21-13 से हराया। इस साल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के बाद से लक्ष्य खराब दौर से गुजर रहे थे। चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण भी उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था।
हालांकि, जर्मनी में उन्होंने शानदार वापसी की। पहले गेम में पोपोव ने लक्ष्य को चुनौती दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी रक्षात्मक क्षमता और सटीक स्मैश के दम पर 21-17 से गेम जीत लिया। दूसरे गेम में लक्ष्य ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। उन्होंने ब्रेक तक चार अंकों की बढ़त बना ली और बाद में इसे सात अंकों तक पहुंचा दिया। अंत में शानदार स्मैश के साथ उन्होंने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
लक्ष्य ने कहा, 'मुझे बीच-बीच में कुछ चोट संबंधी परेशानियां हुईं और मैं कुछ समय तक खेल से बाहर भी रहा। कुछ टूर्नामेंट में मैं पूरी तरह फिट नहीं था। लेकिन यहां अपने प्रदर्शन से खुश हूं। यह मेरे आत्मविश्वास के लिए काफी अच्छा है। पिछले कुछ महीनों में मैंने लगातार इतने मुकाबले नहीं खेले थे।'
उन्होंने आगे कहा, 'एक और फाइनल में पहुंचकर मैं बहुत खुश हूं। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के बाद पहली बार मुझे लगा कि मैं फिर से अपना सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खेल रहा हूं। मुझे महसूस हो रहा है कि मैं अपनी लय में लौट रहा हूं।' लक्ष्य का फाइनल में सामना इंडोनेशिया के चौथी वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी और डेनमार्क के शीर्ष वरीयता प्राप्त एंडर्स एंटोनसेन के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।