भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने शनिवार को मलयेशिया मास्टर्स सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में जापान के युशी टनाका पर सीधे गेम में जीत दर्ज कर छह साल में पहली बार बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश किया। 2023 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता श्रीकांत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सटीक नेट प्ले और आक्रामक खेल की बदौलत दुनिया के 23वें नंबर के खिलाड़ी टनाका को 21-18, 24-22 से शिकस्त दी।
श्रीकांत 2019 इंडिया ओपन में उपविजेता रहे थे और इसके बाद से इस 32 वर्षीय खिलाड़ी का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में पहला फाइनल है। उन्होंने 2017 में चार खिताब जीते थे। पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत पिछले कुछ सत्र में खराब फॉर्म और फिटनेस के दौर से गुजर रहे हैं जिससे अब वह विश्व रैंकिंग में 65वें स्थान पर मौजूद हैं।
मलयेशिया मास्टर में श्रीकांत का सफर
इससे पहले श्रीकांत ने अपने से ऊंची रैंकिंग के फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव पर तीन गेम में जीत दर्ज कर अंतिम चार का टिकट कटाया था। 65वीं रैंकिंग पर काबिज श्रीकांत ने क्वार्टर फाइनल में दुनिया के 18वें नंबर के पोपोव को कड़ी टक्कर देते हुए एक घंटे 14 मिनट में 24-22, 17-21, 22-20 से शिकस्त दी। उससे पहले श्रीकांत ने दुनिया के 33वें नंबर के खिलाड़ी गुयेन के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में 59 मिनट तक चले मुकाबले में 23-21, 21-17 से जीत हासिल की थी। वहीं, मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए श्रीकांत ने चीनी ताइपे के हुआंग यू काई को 9-21, 21-12, 21-6 से हराया था।
श्रीकांत ने जीत के बाद कहा, 'मैं बहुत खुश हूं, काफी समय के बाद यहां तक पहुंचा हूं। शारीरिक रूप से मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। लेकिन मैंने पिछले साल ज्यादा मैच नहीं खेले। अब क्वालिफाइंग खेल रहा हूं। इस बार सब ठीक रहा। मैं पिछले महीने से कड़ी मेहनत कर रहा हूं। बहुत लंबे समय के बाद ये जीत मिली।' श्रीकांत 2017 में चार बीडब्लयूएफ खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे और फिर उन्होंने भारत को टीम स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया, लेकिन उसके तुरंत बाद उनका संघर्ष शुरू हो गया।