भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत का मानना है कि बीडब्ल्यूएफ का व्यस्त कार्यक्रम खिलाड़ियों पर भारी पड़ रहा है। साल के शुरुआत दोनों टूर्नामेंट में पहले दौर में बाहर होने वाले श्रीकांत ने कहा कि पहले शीर्ष खिलाड़ियों का दस टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य था। अब इसकी संख्या 12 हो चुकी है। यह आसान नहीं है। इससे खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। ऐसे में एक खिलाड़ी को अपने हिसाब से टूर्नामेंट चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। अब मैं काफी चुनिंदा टूर्नामेंट खेल रहा हूं।