भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जापान को 3-0 से हराया और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। भारतीय टीम ने इस तरह एशियन गेम्स में पदक पक्का कर लिया है। बैडमिंटन की टीम स्पर्धा में सेमीफाइनल में पहुंचते ही पदक पक्का हो जाता है। भारतीय पुरुष टीम ने जापान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। महिला टीम स्पर्धा में हालांकि, भारत को निराशा मिली और टीम जापान के हाथों क्वार्टर फाइनल में हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
आयुष शेट्टी ने दिलाई अजेय बढ़त
जापान के खिलाफ भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले मैच में लक्ष्य सेन ने कोडाई नाराओका को हराया। और फिर दूसरे मैच में सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने ताकुरो और युगो को मात दी। इसके बाद आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोकी वातानाबे को सीधे गेम में हराया। इसके साथ ही भारत ने क्वार्टर फाइनल में जापान पर 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में पहुंच गया और एशियाड में एक और पदक पक्का कर लिया है। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम हालांकि, इस पदक को स्वर्ण में बदलना चाहेगी।
किस तरह जापान पर हावी पड़ा भारत
- पहले मैच में लक्ष्य सेन ने कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराया था।
- फिर दूसरे मैच में सात्विक चिराग ने ताकुरो और युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराया।
- तीसरे मैच में अपना पहला एशियन गेम्स खेल रहे आयुष शेट्टी ने 21-10, 21-19 से जीत दर्ज की और भारत का पदक पक्का कर दिया।
- सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और चीन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
महिला टीम पदक की दौड़ से बाहर
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला बैडमिंटन टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर एशियन गेम्स से बाहर हो गई। भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं।
उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया। नई दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली।