इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के बाद बैडमिंटन भी कोरोना की चपेट में आ गया है। दरअसल, यात्रा प्रतिबंध के भारतीय बैडमिंटन टीम को मलयेशियन ओपन से पीछे हटना पड़ रहा है। हता दें कि इस टूर्नामेंट का आयोजन 25 से 30 मई तक होना है जो ओलंपिक क्वालिफिकेशन अंक अर्जित करने के लिए आखिरी टूर्नामेंटों में से एक है। मलेशिया ने भारत से यात्रा करने पर 28 अप्रैल को प्रतिबंध लगाया था।
भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण मलयेशिया ने भारत से यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है जिससे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी इस महीने के आखिर में खेले जाने वाले मलयेशियाई ओपन से पीछे हट सकते हैं। इस टूर्नामेंट का आयोजन 25 से 30 मई तक होना है जो ओलंपिक क्वालीफिकेशन अंक अर्जित करने के लिए आखिरी टूर्नामेंटों में से एक है। बता दें कि मलयेशिया ने भारत से यात्रा करने पर 28 अप्रैल को प्रतिबंध लगाया था।
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लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल और पुरुष वर्ग के स्टार खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत की मलयेशिया ओपन के जरिये ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदें अधर में अटक गई हैं। हालांकि, टीम ने अभी आधिकारिक तौर पर नाम वापस नहीं लिया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने कहा है कि अभी भी प्रतियोगिता होने में 19 दिन बाकी हैं और स्थितियां बदलने पर संभावना है कि यात्रा पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त कर दिया जाए।
इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मलयेशिया सरकार की ओर से भारत से यात्रा करने पर लगाए गए अस्थाई यात्रा प्रतिबंध के कारण भारतीय बैडमिंटन टीम 25 से 30 मई तब आयोजित होने वाले मलयेशियाई ओपन में भाग नहीं ले सकेगी।’ इसमें देश के शीर्ष एकल और युगल खिलाड़ियों में शामिल पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, साई प्रणीत, सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, अश्विनी पोनप्पा और सिक्की रेड्डी को भाग लेना था।
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विज्ञप्ति के अनुसार यह टूर्नामेंट 15 जून को खत्म होने वाले ओलंपिक क्वालीफिकेशन के आखिरी टूर्नामेंटों में से एक है। विज्ञप्ति के मुताबिक खेल मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय की मदद से मलयेशिया के अधिकारियों से भारतीय टीम को मंजूरी देने की मांग की थी लेकिन कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के कारण इसे खारिज कर दिया गया। मलयेशियाई सरकार ने वहां के भारतीय उच्चायोग को बताया कि फिलहाल टीम को यात्रा की मंजूरी नहीं दी जा सकती।