पिछले दो मौकों पर अनदेखी के बाद प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने गए दिग्गज टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल का मानना है कि जकार्ता एशियाई खेलों में ऐतिहासिक दो पदक से इस पुरस्कार के लिए उनका दावा मजबूत हुआ।
शरत ने कहा कि पद्म सम्मान उनके लिए बेहद खास है।
शरत ने पीटीआई से कहा, ‘यह मेरा पहला नागरिक सम्मान है। कल रात जब यह खबर मिली तो मैं अपने दोस्तों के साथ था। मेरे फोन की बैटरी खत्म हो गई और घर वापस लौटने के बाद से माहौल काफी खुशनुमा है।’
भारतीय टेबल टेनिस के लिए 2018 में शानदार प्रदर्शन के बाद शरत की अनदेखी काफी मुश्किल थी।
उनकी अगुआई में भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में जापान को हराकर ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता जिससे टेबल टेनिस में पदक का भारत का 60 साल का इंतजार खत्म हुआ।
शरत ने इसके बाद उभरती हुई स्टार मनिका बत्रा के साथ मिलकर मिश्रित युगल में भी कांस्य पदक जीता।
नवीनतम विश्व रैंकिंग में शरत करियर की सर्वश्रेष्ठ 30वीं रैंकिंग पर हैं और इसी महीने उन्होंने नौवें खिताब के साथ सबसे अधिक राष्ट्रीय खिताब का कमलेश मेहता का रिकार्ड तोड़ा।
शरत ने कहा, ’यह मान्यता मिलने से मैं बेहतरीन महसूस कर रहा हूं, विशेषकर यह देखते हुए कि किन लोगों को पद्म श्री के लिए चुना गया है। दो बार विफल प्रयास के साथ मैं सुनिश्चित नहीं था कि इस बार भी मुझे यह मिलेगा या नहीं लेकिन पिछले साल के प्रदर्शन के बाद कुछ भी संभव था।’