पहले गेम में 8-3 की बढ़त बनाने के बाद सिंधु उसे बरकरार नहीं रख सकी। बिंगजियाओ ने स्कोर को 9-9 किया जो बाद में 15-15 हो गया। इसके बाद उन्होंने सिंधु को ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-17 से गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में स्थिति पहले गेम के उलट रही जहां बिंगजियाओ ने शुरूआत में 4-2 की बढ़त कायम की लेकिन सिंधु ने वापसी करते हुए बढ़त पहले 6-5 और फिर 11-7 करने में कामयाब रही। वह इस गेम को 21-17 से जीत कर मैच को तीसरे गेम में ले जाने में सफल रहीं।
निर्णायक गेम में बिंगजियाओ ने ब्रेक तक 11-6 की बढ़त बना ली। ब्रेक के बाद उन्होंने अपनी बढ़त को और मजबूत कर 15-8 कर लिया। सिंधु ने कुछ हद तक वापसी करते हुए सात अंक जुटा कर स्कोर लाइन को 15-16 किया लेकिन वह लय को बरकरार नहीं रख सकी और बिंगजियाओ ने इस गेम को 21-15 से जीत कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
विश्व रैंकिंग में नौवें नंबर पर काबिज श्रीकांत चीनी ताइपै के खिलाड़ी को चुनौती नहीं दे पाए। पहले गेम के शुरूआत में श्रीकांत ने दमदार खेल दिखाया और 10-8 की बढ़त बना ली लेकिन ब्रेक के बाद चेन ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
दूसरे गेम में श्रीकांत लय पाने के लिए जूझते नजर आए। वह एक समय चेन से 4-10 से पिछड़ रहे थे। ब्रेक के समय स्कोर चेन के पक्ष में 11-7 था। ब्रेक के बाद भी उन्होंन भारतीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। श्रीकांत ने दो मैच प्वाइंट जरूर बचाये लेकिन यह वापसी के लिए नाकाफी था।
इसके बाद पुरूष एकल के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में श्रीकांत के पास चेन के खेला कोई जवाब नहीं था। चेन ने उन्हें 35 मिनट चलें मुकाबले में 21-14, 21-14 से शिकस्त दी।
मेंस डबल्स में सात्विक-चिराग की जोड़ी के हारते ही चीन ओपन 2018 से भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।
सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को क्वार्टर फाइनल के मुकाबले में विश्व की 14वें नंबर की जोड़ी से शिकस्त झेलनी पड़ी।
इंडोनेशियाई जोड़ी मोहम्मद एहसान और हेंद्र सेतीवान ने भारतीय जोड़ी को 42 मिनट चले मुकाबले में 21-11, 16-21, 21-12 से मात देकर बाहर का रास्ता दिखाया।