बैडमिंटन मैच अब 21×3 नहीं, बल्कि 15×3 स्कोरिंग सिस्टम से खेले जाएंगे। मैच अब 21-21 के तीन गेम की जगह 15-15 के तीन गेम खेले जाएंगे। इस नए स्कोरिंग सिस्टम पर शनिवार को डेनमार्क के होर्सेन्स में बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में भारी बहुमत से मुहर लगा दी गई। बैठक में पेश प्रस्ताव को मतदान में 198-43 के अंतर से पारित किया गया है। नया सिस्टम चार जनवरी, 2027 से लागू किया जाएगा।
बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष ने किया स्वागत
बीडब्ल्यूएफ का तर्क है कि नए सिस्टम से खेल में हाई प्रेशर मूवमेंट जल्दी आएंगे और रोमांचकता बढ़ जाएगी। बैडमिंटन में 21 प्वाइंट वाला मौजूदा प्रारूप साल 2006 में लागू किया गया था। इस प्रारूप में मैच लगातार 45 मिनट से 100 मिनट तक खिंच रहे थे, जिससे प्रसारक नाराज थे। उनकी मांग थी कि पांचों सेगमेंट (पुरुष और महिला एकल, युगल और मिश्रित) के मुकाबले तीन घंटे के भीतर खत्म होने चाहिए। बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है।
लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा, हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो और साथ ही हम अपने खिलाड़ियों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे। 3×15 स्कोरिंग प्रणाली का मकसद बैडमिंटन को और भी ज्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, बेहतर शेड्यूल, मैचों की अवधि में ज्यादा एकरूपता लाना, और खिलाड़ियों की भलाई और उबरने के लिए संभावित फायदे देना है।
विश्व संस्था ने एक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली टेस्टिंग, विश्लेषण और सदस्यों व हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के बाद लिया गया है। यह बीडब्ल्यूएफ के सदस्यों की सामूहिक राय को दिखाता है जो खिलाड़ियों की भलाई, और खिलाड़ियों को लंबे व ज्यादा सफल करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।
ये होंगे प्रमुख बदलाव
- 60 सेकेंड का मिडगेम ब्रेक 11वें के बजाय 8वें प्वाइंट पर होगा।
- दो गेम के बीच के ब्रेक की अवधि 120 सेकेंड रखी जाएगी।
- 15 प्वाइंट पर पहुंचकर खिलाड़ी को दो प्वाइंट का अंतर बनाना होगा।
- प्वाइंट्स की अधिकतम सीमा 30-29 के बजाय अब 21-20 होगी।