-एशिया टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप : ओलंपिक वर्ष में पदक पर हैं भारतीय शटलरों की निगाह
-टीम का दारोमदार प्रणीत, श्रीकांत और युवा लक्ष्य के कंधों पर
-2016 में कांस्य पदक जीत चुकी है भारतीय टीम इस चैंपियनशिप में
कोरोना वायरस के डर के बावजूद भारत की मजबूत पुरुष टीम मंगलवार से शुरू हो रही एशिया टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए यहां पहुंच गई। टीम की निगाह पदक पर है जिससे ओलंपिक वर्ष में खिलाड़ियों को अहम रैंकिंग अंक मिलेंगे। भारतीय महिला टीम ने कोरोना वायरस के फैलने के डर से हटने का फैसला किया है।
विज्ञापन
भारतीय टीम में किदांबी श्रीकांत, विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता बीसाई प्रणीत, एचएस प्रणय, शुभंकर शर्मा और लक्ष्य सेन हैं। भारतीय टीम ने 2016 में इस चैंपियनशिप में कांसा जीता था। टीम को शुरुआत में ग्रुप ए में दो बार के गत चैंपियन इंडोनेशिया और मेजबान फिलिपींस के साथ रखा गया था लेकिन मेजबान देश के यात्रा प्रतिबंध के कारण चीन और हांगकांग के नहीं खेलने के कारण सोमवार को टीम मैनेजरों की बैठक में दोबारा ड्रॉ हुआ। भारत को अब मलयेशिया और कजाखस्तान के साथ ग्रुप बी में रखा गया है।
सभी चार ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत कजाखस्तान के खिलाफ करेगा। उसके बाद उसे बृहस्पतिवार को को मलयेशिया से खेलना है। एशिया टीम चैंपियनशिप का आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है। यह थामस और उबेर कप के एशिया क्वालिफायर भी हैं। भारतीय टीम के कजाखस्तान के खिलाफ आसानी से जीत दर्ज करने की उम्मीद है लेकिन मलयेशिया के खिलाफ मुकाबला रोमांचक होगा।
विज्ञापन
मलयेशिया की युवा टीम में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी ली जी जिया, 2014 युवा ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता चीम जून वेई और विश्व जूनियर चैंपियनशिप के तीन बार के रजत पदक विजेता लियोंग जुन हाओ शामिल हैं।