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Ashmita Chaliha: अस्मिता चलिहा बनीं कोरिया मास्टर्स चैंपियन; पहला गेम हारने के बाद किया कमाल का कमबैक; जानें

Sun, 09 Aug 2026 09:03 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, असान

सार

भारत की अस्मिता चलिहा ने शानदार वापसी करते हुए चीन की हान कियान शी को हराकर विक्टर कोरिया मास्टर्स 2026 का महिला एकल खिताब जीत लिया। पहला गेम 14-21 से गंवाने के बाद अस्मिता ने अगले दोनों गेम 21-14, 21-14 से जीतकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब हासिल किया।
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अस्मिता - फोटो : IANS
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विस्तार
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भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी अस्मिता चलिहा ने शानदार वापसी करते हुए विक्टर कोरिया मास्टर्स 2026 का महिला एकल खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में अस्मिता ने चीन की हान कियान शी को 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। 53 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब हासिल किया।
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अस्मिता चालिहा - फोटो : Social Media
पहला गेम गंवाया, दूसरे में बदला खेल
 
  • फाइनल की शुरुआत अस्मिता के लिए अच्छी नहीं रही। वह पहले गेम में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। हान कियान शी ने इसका फायदा उठाते हुए शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाई और पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया।
  • एक गेम से पिछड़ने के बाद अस्मिता ने अपने खेल की गति और आक्रामकता बढ़ाई। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे गेम में लगातार आक्रामक शॉट लगाए और चीनी खिलाड़ी को दबाव में रखा। अस्मिता ने दूसरा गेम भी 21-14 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में दिखाया दम
 
  • तीसरे गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों लगातार अंक हासिल करती रहीं और मुकाबला बेहद करीबी रहा। हालांकि, मध्यांतर के बाद अस्मिता ने धीरे-धीरे मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
  • उन्होंने 12-11 की बढ़त बनाने के बाद एक सटीक विनर लगाया। इसके बाद कोर्ट के बाहर जाते हुए बेहद मुश्किल शॉट को भी अस्मिता ने अंदर रखने में सफलता हासिल की और अपनी बढ़त 15-11 कर ली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
  • अस्मिता ने शानदार क्रॉस-कोर्ट विनर के जरिए स्कोर 19-14 किया। अगले रिटर्न पर हान की शटल बाहर चली गई और भारतीय खिलाड़ी जीत के बेहद करीब पहुंच गईं। आखिरकार अस्मिता ने 21-14 से तीसरा गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

अस्मिता का पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब
कोरिया मास्टर्स की यह जीत अस्मिता चलिहा के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के सुपर 300 स्तर पर उनका पहला खिताब भी है। पहला गेम हारने के बाद जिस तरह अस्मिता ने मुकाबले में वापसी की, वह उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दिखाता है। निर्णायक गेम में भी करीबी मुकाबले के बीच उन्होंने अपना संयम बनाए रखा और अहम मौकों पर आक्रामक खेल दिखाकर इतिहास रच दिया।
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तन्वी - फोटो : IANS
चोट के कारण तीन महीने कोर्ट से थीं दूर
दाएं घुटने में चोट के कारण तीन महीने तक कोर्ट से दूर रहने के बाद अस्मिता चलिहा ने मई में प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने बीडब्ल्यूएफ टूर पर शानदार प्रदर्शन किया और मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचीं। दुनिया की 50वें नंबर की शटलर अस्मिता गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पार्क ताए-सांग की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं। कोरिया मास्टर्स की जीत के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दूसरे सप्ताह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता है। इससे पहले तन्वी शर्मा ने पिछले रविवार ताइपे ओपन का खिताब अपने नाम किया था।
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