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गोपीचंद को हटाए जाने की खबरों का BAI ने किया खंडन, बताया कब तक बने रहेंगे हेड कोच

Sun, 10 Sep 2017 01:57 AM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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गोपीचंद - फोटो : getty
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बैडमिंटन के नेशनल कैंप को हैदराबाद से स्थानांतरित किए जाने और पुलेला गोपीचंद के नेशनल कोच के पद पर बने रहने पर असमंजस की स्थिति की खबरों का बीएआई ने खंडन किया है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि मौजूदा ढांचे में किसी तरह के फेरबदल का सवाल ही नहीं उठता।
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जीएसटी मीट में शामिल होने हैदराबाद पहुंचे सरमा ने कहा, गोपीचंद के नेशनल कोच पद को चुनौती देता मुझे कोई दिखाई नहीं दे रहा है। बीएआई हमेशा से गोपीचंद की कृतज्ञ है। भारत ने प्रकाश पादुकोण और पुलेला गोपीचंद जैसे बेहतरीन शख्सियतें पैदा की हैं। आज भारत के बैडमिंटन का जो स्वरूप है वो गोपीचंद की देन है। हमें गोपी को पद से हटाने की बात सोचनी भी नहीं चाहिए। ये बातें तब सोची जानी चाहिए जब कोई उन्हें चुनौती दे रहा हो। फिलहाल मुझे कुछे ऐसा नहीं दिखाई पड़ रहा है। 

नेशनल कैंप को हैदराबाद से स्थानांतरित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा यह है कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक और डबल्स कैंप दिल्ली में बनाना चाहती है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि जो डबल्स का कैंप गोपीचंद अकादमी में चल रहा है उसे स्थानांतरित किया जाएगा। गोपी की अकादमी सर्वोच्च रहेगी और इसमें किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। हमारे सर्वोच्च खिलाड़ियों को यहीं प्रशिक्षण मिलेगा और गोपी चीफ कोच बने रहेंगे। वो हम सबके लिए एक प्रेरणा हैं। यहां से कुछ भी ट्रांसफर नहीं होगा। साई का सुझाव है कि हमारे पास एक और कैंप होना चाहिए। यहां तक कि मलेशियाई डबल्स कोच टैन भी यहीं रहेंगे। यदि गोपी एक और कोच चाहेंगे तो हम वो भी ले आएंगे। ये निर्णय भी उन्हीं का होगा कि कौन सा कोच कहां रहेगा। 
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जब उनसे ये सवाल किया गया कि गोपी की अकादमी तो निजि है ऐसे में बीएआई की अपनी अकादमी होनी चाहिए तो उन्होंने कहा, गोपी की अकादमी उनकी है और हम इसका उपयोग करेंगे। लेकिन हमारा मानना है कि हमारे पास पांच रीजन्स में पांच बेहतरीन सेंटर्स होने चाहिए। उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में। ये हमारा रोड मैप है। लेकिन इसमें वक्त लगेगा। एक सेंटर स्थापित करने के लिए आपको 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पांच के लिए 250 करोड़। इसलिए इसमें फिलहाल समय लगेगा, लेकिन भगवान की इच्छा और सरकार के सहयोग से हमारे पास कई और ट्रेनिंग कैंप होंगे। ये सभी कैंप नेशनल कोच गोपीचंद की देखरेख में ही काम करेंगे। 

गोपीचंद ने साल 2006 में कोच का पद संभाला था। लेकिन अब जब तक उनके अंदर यह जिम्मेदारी संभालने की ऊर्जा है तब तक वो ये जिम्मेदारी संभालेंगे। नवंबर में नागपुर में होने वाली सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में साइना नेहवाल, पीवी सिंधु, किदांबी श्रीकांत जैसे स्टार खिलाड़ी भाग लेंगे। आम तौर पर टॉप खिलाड़ी नेशनल चैंपियनशिप में नहीं खेलते हैं, लेकिन बीएआई चाहता है कि उसके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इस स्पर्धा में भाग लें। उन्होंने कहा, मैंने खिलाड़ियों से इस बारे में बात की है और सभी ने इसमें  भाग लेने के लिए सहमति जाहिर की है। यदि हमारे सुपरस्टार्स वहां नहीं होंगे तो आपको निश्चित तौर पर बुरा लगेगा। इस दौरान सिंधु और साइना को वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के लिए बीएआई अध्यक्ष ने उनका सम्मान किया और पुरस्कार के रूप में सिंधु को 10 लाख और सायना को 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
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