गत विश्व चैंपियन पीवी सिंधू को शनिवार को यहां प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचूवांग के हाथों सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2018 में भी सिंधू का सफर अंतिम चार में थम गया था। इस हार के सिंधू का इस बार दो दशक का सूखा खत्म करने का सपना भी टूट गया। पिछले दो दशक से किसी भारतीय ने यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट नहीं जीता है। गोपीचंद ने 2001 में यह ट्रॉफी जीती थी। इस बार सिंधू से यह उम्मीद की जा रही थी कि वह इस खिताबी सूखे को खत्म करेंगी।
दुनिया की 7वें नंबर की ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू को दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी से 43 मिनट में 17-21, 9-21 से हार मिली। इससे पहले सिंधू का 23 साल की पोर्नपावी के खिलाफ 4-1 का बेहतर रिकॉर्ड था। जनवरी में सिंधू ने इसी प्रतिद्वंद्वी को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में हराया था लेकिन इन आंकड़ों का मैच पर प्रभाव नहीं था। पोर्नपावी का रक्षण भी मजबूत था और उन्होंने गेम को काफी गति के साथ खेलकर सिंधू को लय में आने का मौका ही नहीं दिया। हालांकि पहले गेम में एक समय 7-14 से पिछड़ रही सिंधू ने 16-17 स्कोर कर वापसी का प्रयास किया था लेकिन उसके बाद पोर्नपावी ने मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में भी थाई खिलाड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी।
एक दिन पहले पांचवीं वरीयता की सिंधू ने क्वार्टर फाइनल में जापान की तीसरी वरीयता की अकाने यामागुची को तीन गेमों के बेहद रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-16, 21-19 से हराया था। ये मुकाबला लगभग 76 मिनट तक चला था। स्विस ओपन के फाइनल में पहुंची सिंधू की पिछली चार आपसी भिड़ंत में यामागुची पर पहली जीत थी।