राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अविनाश साबले ने गुरुवार को एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। अविनाश 36 साल बाद इस टूर्नामेंट में 3000 मीटर स्टीपलचेज वर्ग में सोना दिलाने वाले पहले भारतीय हैं। साबले ने 8:20.92 सेकेंड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने इससे पहले 2019 में रजत पदक जीता था और यह उनका इस टूर्नामेंट में दूसरा पदक है।
आखिरी बार 1989 में मिला था स्वर्ण
साबले से पहले एशियाई चैंपियनशिप की इस स्पर्धा में दिना राम ने स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 1989 में पुरुष स्टीपलचेज में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। हर्बल सिंह पहले भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने 1975 में स्टीपलचेज में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। साबले इस टूर्नामेंट में स्वर्ण जीतने के प्रबल दावेदार थे और उन्होंने उम्मीद के अनुरूप ही प्रदर्शन किया।
जापान के युतारो नीनाए ने 8:24.41 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता। वह अंतिम लैप की शुरुआत में आगे चल रहे थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार प्रयास करते हुए उन्हें पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक हासिल किया। कतर के जकारिया इलाहलामी ने 8:27.12 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता।
चार गुणा 400 मीटर पुरुष रिले टीम फाइनल में
इससे पहले रिंस जोसेफ, धर्मवीर चौधरी, मनु थेक्किनालिल साजी और मोहित कुमार की भारत की चार गुणा 400 मीटर पुरुष रिले टीम ने फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय चौकड़ी ने तीन मिनट 6.28 सेकेंड का अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपनी हीट (शुरुआती दौर की रेस) में शीर्ष स्थान हासिल किया। हीट में भारत ने चीन (तीन मिनट 6.79 सेकेंड) और मेजबान कोरिया (तीन मिनट 10.05 सेकेंड) को पछाड़कर फाइनल के लिए सीधे क्वालीफाई किया। श्रीलंका ने सत्र का सबसे तेज तीन मिनट 1.56 सेकेंड का समय निकाला।
महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में भारत की संजीवनी जाधव ने 33 मिनट 8.17 सेकेंड का अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया जबकि सीमा 33 मिनट 08.23 सेकेंड के समय से छठे स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा में कजाखस्तान की डेजी जेपकेमी (30 मिनट 48.44 सेकेंड) ने दबदबा बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। जापान की रिरिरक हिरोनिका (30 मिनट 56.32 सेकेंड) और मिकुनी याडा (31 मिनट 12.21 सेकेंड) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।