महिला एकल के फाइनल में रयबाकिना बनाम सबालेंका
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दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका शनिवार को यहां जब ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में एलिना रयबाकिना का सामना करने के लिए कोर्ट पर उतरेगी तो वह 2023 की अपनी सफलता के बजाय पिछले साल विभिन्न प्रतियोगिताओं के फाइनल में मिली हार के सबक से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी।
दो बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकीं सबालेंका
यह उन तीन अन्य ग्रैंड स्लैम फाइनल जैसा भी नहीं होगा जो सबालेंका ने जीते हैं, जिनमें यूएस ओपन में हाल ही में जीता गया फाइनल भी शामिल है। सबालेंका 2025 में पांच टूर्नामेंट के फाइनल में हार गई थी और वह उनसे मिली सीख को अपना मजबूत पक्ष बनाना चाहती है। सबालेंका ने कहा, 'मैं जानती हूं कि उन सभी फाइनल मैच में क्या गलती हुई थी जिनमें मैं हारी। पिछले साल मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, खुद के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला और इस सत्र में ऐसा दोबारा नहीं होगा।' सबालेंका अब तक दो बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकी हैं। उन्होंने 2023 और 2024 में खिताब जीता था। वहीं, कुल मिलाकर वह चार ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। उनके नाम 2024 और 2025 में दो यूएस ओपन खिताब भी हैं।
पिछले साल फाइनल में कीज ने हराया था
सबालेंका को पिछले साल फाइनल में मिली हार की सूची में नवंबर में डब्ल्यूटीए फाइनल्स का निर्णायक मुकाबला भी शामिल है, जब वह रयबाकिना से तीन सेटों में हार गई थीं, जिन्होंने पुरस्कार राशि के रूप में रिकॉर्ड 5.2 मिलियन डॉलर जीते थे। पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में मैडिसन कीज ने सबालेंका को हराकर मेलबर्न पार्क में उनकी 20 मैचों की जीत का सिलसिला तोड़ दिया था। फ्रेंच ओपन के फाइनल में उन्हें कोको गॉफ से तीन सेटों में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें स्टटगार्ट और इंडियन वेल्स के फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था।
नई और मजबूत मानसिकता के साथ उतरीं सबालेंका
सबालेंंका अब एक नई और मजबूत मानसिकता के साथ किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने सेमीफाइनल में एलिना स्वितोलिना के खिलाफ जीत में यह कर दिखाया, जब चौथे गेम में चेयर अंपायर ने उन्हें बाधा डालने के लिए फाउल दिया। उन्होंने कहा, 'अभी मेरी मानसिकता ऐसी है कि मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं। फाइनल में जो भी होगा, मैं वहां जाकर अपनी पूरे दमखम से मुकाबला करने के लिए तैयार हूं। जब मेरी यह मानसिकता होती है, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलती हूं। इस फाइनल के लिए मेरा यही दृष्टिकोण है।'
सबालेंका की तरह रयबाकिना का भी दमदार प्रदर्शन
सबालेंका और रयबाकिना ने फाइनल तक पहुंचने के लिए अभी तक एक भी सेट नहीं गंवाया है। 2008 के बाद और इस ग्रैंडस्लैम से पहले किसी ग्रैंड स्लैम में ऐसा नहीं हुआ था। मॉस्को में जन्मीं लेकिन कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली रयबाकिना सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला के खिलाफ मिली जीत की लय को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच यहां 2023 में भी फाइनल खेला गया था। तब रयबाकिना ने पहला सेट जीता, लेकिन फिर 4-6, 6-3, 6-4 से हार गईं। इसके बाद यह उनका पहला बड़ा फाइनल होगा।
सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम जीत सकी हैं रयबाकिना
रयबाकिना ने कहा, 'हां, (2023 का फाइनल) हमने यहीं खेला था, मुकाबला बहुत करीबी था। वह अब पुरानी बात है। उसके बाद बहुत सारे मैच खेले गए। उम्मीद है कि पिछले मैच से और यहां खेले गए आखिरी फाइनल से मुझे जो अनुभव मिला है, उसे मैं शनिवार के मैच में इस्तेमाल करूंगी। उम्मीद है कि इस बार जीत मेरी होगी।' रयबाकिना के नाम 2022 में विंबलडन जीतने का रिकॉर्ड है।