भारत के निषाद कुमार ने सोमवार को जापान के आइची-नागोया में जारी 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की टी47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। निषाद ने फाइनल में 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर भारत को इन खेलों में दूसरा स्वर्ण दिलाया। दो बार पैरालंपिक रजत पदक जीत चुके निषाद का यह लॉन्ग जंप में पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन था।
तीसरे प्रयास में लगाई 7.11 मीटर की छलांग
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में निषाद ने 6.95 मीटर की छलांग के साथ शुरुआत की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल की। तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय कर उन्होंने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।
चौथे प्रयास में निषाद की छलांग फाउल रही, लेकिन पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर 7.11 मीटर की दूरी हासिल की। छठे और आखिरी प्रयास में भारतीय एथलीट ने 7.07 मीटर की छलांग लगाई। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर की सीजन की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक जीता, जबकि श्रीलंका के मोहम्मदू सफरान 6.55 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे।
हाई जंप में है निषाद का दबदबा
27 वर्षीय निषाद कुमार की पहचान मुख्य रूप से हाई जंप के खिलाड़ी के रूप में रही है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में रजत पदक जीता था। इस स्पर्धा में वह विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक भी अपने नाम कर चुके हैं। एशियन पैरा गेम्स में निषाद हाई जंप के मौजूदा चैंपियन हैं और मंगलवार को इसी स्पर्धा के टी47 फाइनल में उतरेंगे।
पिछले साल शुरू की थी लॉन्ग जंप की तैयारी
निषाद ने पिछले साल ही लॉन्ग जंप में हाथ आजमाना शुरू किया था। इस स्पर्धा में उनका अनुभव सीमित रहा है, लेकिन एशियन पैरा गेम्स में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। हाई जंप में अपनी पहचान बना चुके निषाद ने अब लॉन्ग जंप में भी भारत को स्वर्ण दिलाकर अपनी क्षमता साबित की है। निषाद के इस स्वर्ण से पहले निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। अब मंगलवार को हाई जंप फाइनल में निषाद के पास एक और स्वर्ण जीतने का मौका होगा।