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कौन हैं प्रवीण कुमार?: पिछले दो पैरालंपिक में चौंकाने के बाद अब पैरा गेम्स में जीता गोल्ड; बंटी ने जीता सिल्वर

Wed, 21 Oct 2026 08:55 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

प्रवीण कुमार ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के बंटी ने 1.92 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान के तेमुर्बेक गियाजोव को कांस्य मिला।
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प्रवीण - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के स्टार पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बुधवार को नागोया में पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में प्रवीण ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। भारत के बंटी ने भी इसी स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश की सफलता में योगदान दिया। उन्होंने 1.92 मीटर की छलांग लगाई, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
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उज्बेकिस्तान के तेमुर्बेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने स्पर्धा में पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया। प्रवीण ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर साबित किया कि वह ऊंची कूद में दुनिया के शीर्ष पैरा एथलीटों में शामिल हैं।
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प्रवीण कुमार - फोटो : @TheKhelIndia
2.05 मीटर की छलांग से बनाया गेम्स रिकॉर्ड
प्रवीण कुमार ने प्रतियोगिता में 2.00 मीटर की ऊंचाई पार करने के बाद बार को 2.05 मीटर तक पहुंचाया और इसे भी सफलतापूर्वक पार कर लिया। इसके बाद उन्होंने 2.07 मीटर की ऊंचाई पार करने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। 2.05 मीटर की छलांग उनके लिए स्वर्ण पदक और नया एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड लेकर आई। वहीं, बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भी रहा।

टोक्यो के रजत से पेरिस के स्वर्ण तक का सफर
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के गोविंदगढ़ गांव से आने वाले प्रवीण कुमार का अंतरराष्ट्रीय सफर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में रजत पदक जीता था। इसके बाद पेरिस पैरालंपिक 2024 में स्वर्ण पदक हासिल करके उन्होंने अपने प्रदर्शन का स्तर और ऊंचा किया। प्रवीण ने 2025 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता। अब एशियाई पैरा गेम्स में स्वर्ण और गेम्स रिकॉर्ड उनके खाते में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में जुड़ गए हैं। वह कोच डॉ. सत्यपाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं।
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प्रवीण और बंटी - फोटो : ANI
क्या है टी44 और टी64 वर्ग?
पैरा एथलेटिक्स में टी44 और टी64 वर्ग निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए हैं। पर्याप्त खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए कुछ प्रतियोगिताओं में इन वर्गों के एथलीट संयुक्त स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं। टी64 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जो कृत्रिम निचले अंग यानी प्रोस्थेसिस की मदद से दौड़ते हैं। वहीं, टी44 वर्ग में निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले वे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जो बिना प्रोस्थेसिस अपने प्राकृतिक पैरों का इस्तेमाल करते हैं। प्रवीण ने इसी संयुक्त टी44/64 स्पर्धा में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। बंटी के रजत के साथ भारत ने इस स्पर्धा में शानदार दोहरी सफलता हासिल की।

भारत के लिए यादगार उपलब्धि
प्रवीण कुमार का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और बंटी का रजत पदक एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि रहे। एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत जीतने से भारत ने अपनी ताकत दिखाई। प्रवीण के लिए यह स्वर्ण उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
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