जापान में रविवार से पांचवें एशियन पैरा गेम्स 2026 का आगाज हो गया है। भारत ने इस बार प्रतियोगिता में करीब 100 पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच सत्यनारायण ने खिलाड़ियों की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारतीय एथलीट पदक जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें उम्मीद है कि एथलेटिक्स में भारत अपने अभियान की शानदार शुरुआत करेगा। आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स 18 से 24 अक्तूबर तक आयोजित किए जा रहे हैं। भारत ने इस प्रतियोगिता के लिए 168 खिलाड़ियों का दल उतारा है, जो 11 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। भारतीय टीम की नजर पिछले संस्करण के प्रदर्शन को दोहराने और पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है।
एथलेटिक्स में छह पदकों की उम्मीद
- भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच सत्यनारायण ने प्रतियोगिता से पहले कहा कि टीम का लक्ष्य लगभग 100 पदक जीतना है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ियों में इस लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है।
- सत्यनारायण के मुताबिक, पैरा एथलेटिक्स भारत के पदक अभियान में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन यानी 19 अक्तूबर को एथलेटिक्स में छह पदक जीतने की उम्मीद जताई है। इनमें दो से तीन स्वर्ण पदक शामिल हो सकते हैं।
- कोच ने कहा कि भारतीय एथलीट अच्छी लय में हैं और अपनी तैयारियों को प्रदर्शन में बदलने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एशिया के कई बेहतरीन खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए मुकाबला कड़ा होगा। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।
निषाद कुमार से बड़ी उम्मीदें
भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम को निषाद कुमार से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कोच सत्यनारायण ने कहा कि निषाद अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं और उनसे व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, निषाद के पास गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने का भी मौका हो सकता है। भारत के लिए प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में एथलेटिक्स के मुकाबले काफी अहम होंगे। अच्छे प्रदर्शन से टीम को पदक अभियान में शुरुआती बढ़त मिल सकती है।
पिछले पैरा एशियन गेम्स में भारत ने जीते थे 111 पदक
भारत ने 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित पिछले एशियन पैरा गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने कुल 111 पदक जीते थे, जिनमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल थे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। इस बार भारतीय दल 100 पदकों के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरा है। अनुभवी पदक विजेताओं के साथ कई युवा खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं, जिनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
सुमित अंतिल से लेकर शीतल देवी तक, इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
भारतीय दल में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनसे पदक जीतने की उम्मीद है। इनमें भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी और धावक सिमरन शर्मा प्रमुख हैं। इन खिलाड़ियों के अलावा 11 खेलों में हिस्सा लेने वाले अन्य भारतीय एथलीट भी पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
खिलाड़ियों की तैयारियों और व्यवस्थाओं से कोच संतुष्ट
कोच सत्यनारायण ने नागोया में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि आवास, खेल सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं से खिलाड़ी संतुष्ट हैं। टीम का माहौल सकारात्मक है और खिलाड़ी अपने मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अब भारतीय दल की कोशिश अपनी तैयारियों को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में बदलने की होगी। 19 अक्टूबर से शुरू होने वाले एथलेटिक्स मुकाबलों पर खास नजर रहेगी, जहां भारत पदक जीतकर अपने अभियान को मजबूत शुरुआत देना चाहेगा।