फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एशियाई पैरा गेम्स: कौन हैं आयुष वर्मा? फाइनल में पांचवें प्रयास में पलटी बाजी, भारत को शॉटपुट में दिलाया गोल्ड

Wed, 21 Oct 2026 08:41 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में 8.16 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ईरान के अलीरेजा हेमामी को सात सेंटीमीटर से पछाड़ा। इससे पहले आयुष भाला फेंक में कांस्य जीत चुके थे। इस तरह उन्होंने दो पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया।
विज्ञापन
आयुष - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। बुधवार को नागोया में उन्होंने पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में 8.16 मीटर दूर गोला फेंककर पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही आयुष ने इन खेलों में अपना दूसरा पदक जीता। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ53/एफ54 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

विज्ञापन


आयुष का स्वर्ण पदक भारत के लिए भी खास रहा। उनके इस प्रदर्शन से भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 हो गई। आयुष ने कड़े मुकाबले में ईरान के अलीरेजा हेमामी को पछाड़ा, जिन्होंने 8.09 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच महज सात सेंटीमीटर का अंतर रहा। कजाखस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कलियेव 6.81 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

Trending Videos

पांचवें प्रयास में आयुष ने मारी बाजी
आयुष वर्मा ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो किया, जो उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। ईरान के हेमामी ने भी कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 8.09 मीटर रहा। इस तरह आयुष ने केवल सात सेंटीमीटर के अंतर से शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर पहला स्थान सुनिश्चित किया और देश को एक और स्वर्ण पदक दिलाया।

2020 में शुरू हुआ था सफर
मेरठ में जन्मे 35 वर्षीय आयुष वर्मा ने वर्ष 2020 में कोच रॉबिन कुमार के मार्गदर्शन में पैरा एथलेटिक्स का सफर शुरू किया था। शॉटपुट से शुरुआत करने वाले आयुष ने पांच साल के भीतर एशियाई स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नागोया में उन्होंने शॉटपुट में स्वर्ण और भाला फेंक में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना उनके लिए इन खेलों की यादगार उपलब्धि रही।
विज्ञापन

क्या है एफ53 वर्ग?
एफ53 पैरा एथलेटिक्स की फील्ड स्पर्धाओं की एक श्रेणी है। इसमें ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनके धड़ और पैरों की गतिविधियों पर काफी असर पड़ता है, जबकि हाथों की पकड़ अपेक्षाकृत कम प्रभावित होती है। खिलाड़ी बैठकर स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं और छाती, पीठ के ऊपरी हिस्से तथा कंधों की मदद से गति और ताकत पैदा करते हैं। आयुष ने इसी श्रेणी की शॉटपुट स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करके स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन भारतीय दल के लिए चौथे दिन की बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा।

आयुष के नाम दो पदक
एशियाई पैरा गेम्स 2026 में आयुष वर्मा ने अब तक दो पदक जीते। मंगलवार को भाला फेंक में कांस्य हासिल करने के बाद बुधवार को उन्होंने शॉटपुट में स्वर्ण जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। भारत के लिए उनका प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि एक खिलाड़ी अलग-अलग फील्ड स्पर्धाओं में भी देश को पदक दिला सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें