फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'एक मीरा कब तक जिताती रहेंगी पदक': खेल मंत्री मांडविया ने पूछे सवाल, एशियाड के प्रदर्शन पर मंथन; मांगे जवाब

Fri, 16 Oct 2026 08:41 AM IST
शोभित चतुर्वेदी अमर उजाला, ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एशियन खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ खेल महासंघों की बैठक हुई। इस दौरान खेल मंत्री ने भारोत्तोलक मीराबाई चानू का उदाहरण देते हुए कहा कि एक मीरा कब तक देश को पदक जिताती रहेंगी। 
विज्ञापन
मीराबाई चानू - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन पर खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय खेल संघों के बीच मंथन में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेल संघों से कहा कि मीराबाई चानू अकेले कब तक हमारे लिए पदक जीतती रहेंगी? हमें 10 और मीराबाई तैयार करने की जरूरत है।
विज्ञापन


उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं होने पर पूछे सवाल
खेल मंत्री का कहना है कि किसी भी खेल में एक खिलाड़ी के भरोसे नहीं बैठा जा सकता है। 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2030 के राष्ट्रमंडल, एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए हमें पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का पूल बढ़ाने की जरूरत है। खेल मंत्री ने शूटिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फेंसिंग, तैराकी जैसे खेल संघों से उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं आने पर सवाल-जवाब भी किए।

चोटिल खिलाड़ियों का उठा मुद्दा
खेल संघों ने प्रदर्शन का ब्योरा दिया तो चोटिल खिलाड़ियों को भेजने का भी मुद्दा उठा। एएफआई प्रवक्ता आदिल सुमारीवाला जब प्रदर्शन के बारे में बता रहे थे तब आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने चोटिल एथलीटों व एक एथलीट का कोच नहीं भेजने का मुद्दा उठाया। खेल मंत्री ने इसे रोकते हुए कहा कि चर्चा विशेष मुद्दे पर नहीं बल्कि सामूहिक होनी चाहिए। खेल मंत्री ने खेल संघों से कहा कि उन्हें अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों के लिए पैसों की कमी नहीं है। पर संघों को अभी से योजना बनानी होगी। 
विज्ञापन


कैसा रहा था भारत का प्रदर्शन?
भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण शामिल रहे। यह प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों के मुकाबले कमजोर रहा। चीन के हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण में भारत ने 106 पदक अपने नाम किए थे। बैठक में खेल महासंघों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि खिलाड़ियों की तैयारी के लिए संसाधनों और आर्थिक सहायता की कमी को अब खराब प्रदर्शन का बहाना नहीं बनाया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें