मौजूदा विश्व चैंपियन ओजस देवताले परफेक्ट 150 स्कोर करके एशियाई खेलों में पुरुषों की व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए जहां उनका सामना हमवतन अभिषेक वर्मा से होगा जिससे भारत का स्वर्ण और रजत पदक पक्का हो गया।
ओजस ने दक्षिण कोरिया के जाएवोन को 150-146 से हराया। उन्होंने 15 तीर पर परफेक्ट 150 स्कोर किया। वहीं, वर्मा ने दक्षिण कोरिया के शीर्ष वरीयता प्राप्त जू जाएहून को 147-145 से मात दी।महिला वर्ग में ज्योति सुरेखा वेन्नम ने अपने सारे अनुभव का इस्तेमाल करके हमवतन अदिति स्वामी को 149-146 से हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर लिया।
भारत के तीरंदाजी में तीन पदक पक्के हो गए हैं। भारतीय तीरंदाज छह टीम स्पर्धाओं में भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं जिसमें तीन रिकर्व और इतनी की कंपाउंड स्पर्धाएं हैं। भारत की इन टीम ने सोमवार को क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। भारत ने इस तरह इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी कर ली जब देश ने तीरंदाजी में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक सहित तीन पदक जीते थे।
सीनियर विश्व चैंपियन 17 साल की अदिति स्वामी महिला कंपाउंड व्यक्तिगत सेमीफाइनल में अपनी आदर्श ज्योति के खिलाफ शिकस्त के बाद कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी। उन्हें कांस्य पदक के मुकाबले में इंडोनेशिया की रतिह जिलिजाती फादहली का सामना करना है।
रिकर्व तीरंदाजों ने किया निराश
अनुभवी अतनु दास और धीरज बोम्मादेवरा हालांकि पुरुषों के रिकर्व व्यक्तिगत क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए । रिकर्व वर्ग में पुरानी कहानी दोहराई गई और कोई भी भारतीय तीरंदाज व्यक्तिगत ओलंपिक कोटा हासिल नहीं कर पाया।