एशियाई खेलों के भारतीय दल पर डोपिंग का साया बुरी तरह गहरा गया है। दो पहलवानों और एक रोइंग खिलाड़ी के डोप में फंसने के बाद एशियाड में पदक के दावेदार वुशु खिलाड़ी सूर्य भानुप्रताप सिंह भी डोप में फंस गए हैं। उन्हें एशियाई खेलों की टीम से बाहर कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर के सूर्य भानुप्रताप सिंह को 65 किलो भार वर्ग के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन नाडा की टेस्टिंग में उनके सैंपल में प्रतिबंधित सार्म्स एनोबोसार्म (ओस्टारिन) पाया गया है। उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सूर्य भानुप्रताप के टीम से बाहर होने के कारण वुशु खिलाड़ियों की एशियाई खेलों के लिए संख्या सात रह गई है।
दो बार जीता है विश्व चैंपियनशिप में पदक
सूर्य भानुप्रताप देश के सबसे अनुभवी वुशु खिलाडि़यों में शामिल हैं। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में 60 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इससे पहले वह 2015 और 2017 की विश्व चैंपियनशिप में 60 किलो वर्ग में ही कांस्य पदक जीत चुके थे। उन्होंने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। सूर्य से इस बार भी पदक की उम्मीदें की जा रही थीं।
खाली जाएगी सूर्य की जगह
वुशु की ग्रीको रोमन कुश्ती टीम में शामिल दीपांशु (130 किलो) और फ्रीस्टाइल टीम में शामिल मुकुल दहिया (86 किलो) भी नाडा की टेस्टिंग में डोप में पॉजिटिव पाए गए हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने दीपांशु की जगह रौनक को टीम में शामिल किए जाने को कहा है, लेकिन आयोजकों की ओर से अभी इसकी मंजूरी नहीं मिली है। सूर्य भानु प्रताप की जगह कोई अन्य खिलाड़ी टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है। इसी तरह मुकुल की जगह भी कोई अन्य पहलवान टीम में नहीं रखा जा रहा है।