भारत ने 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है और वह छह इच्छुक देशों में शामिल है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया अगले साल सभी दावेदार देशों का शुरुआती मूल्यांकन करेगा। इसके बाद शॉर्टलिस्ट और दूसरे दौर के निरीक्षण होंगे। मेजबान के चयन की प्रक्रिया 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है।
भारत को 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी हासिल करने के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने पुष्टि की है कि भारत समेत छह देशों ने 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी में रुचि दिखाई है। अंतिम मेजबान का फैसला 2028 के आसपास होने की उम्मीद है।
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भारत ने अप्रैल में 2038 एशियन गेम्स के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जमा किया था। यह देश की बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी दावेदारी कर रहा है, जबकि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स अहमदाबाद में होने हैं।
अगले साल से शुरू होगा देशों का मूल्यांकन
2026 एशियन गेम्स की शुरुआत से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने मेजबानी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'हमें भारत, फिलीपींस और चार अन्य देशों से 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी में रुचि मिली है। यह एशियन गेम्स की लोकप्रियता को दर्शाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'अभी 12 साल बाकी हैं। कार्यक्रम पहले से तय है। कार्यकारी बोर्ड ने एक मूल्यांकन समिति बनाने का फैसला किया है, जो अगले साल इन सभी दावेदार देशों का दौरा करेगी और फिर शुरुआती रिपोर्ट सौंपेगी।' यानी भारत समेत सभी इच्छुक देशों का वास्तविक मूल्यांकन अगले साल से शुरू होगा।
शॉर्टलिस्ट के बाद होगा दूसरा दौरा
ओसीए पहले दौर के निरीक्षण के आधार पर दावेदार देशों की शॉर्टलिस्ट तैयार करेगा। इसके बाद 2038 एशियन गेम्स के करीब आने पर दूसरे दौर का मूल्यांकन किया जाएगा। अल-मुसल्लम ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर हम एक शॉर्टलिस्ट बनाएंगे और फिर 2038 से नौ या दस साल पहले दोबारा दौरा करेंगे। इसके बाद मेजबान की सिफारिश करते हुए अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी।' इस प्रक्रिया के चलते भारत को अपनी दावेदारी के अंतिम परिणाम के लिए कम से कम 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
फिलीपींस समेत ये देश भी रेस में
भारत के अलावा फिलीपींस ने भी 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी में रुचि दिखाई है। दक्षिण कोरिया ने 2021 में ही 2038 संस्करण की मेजबानी की इच्छा जताई थी। वहां ग्वांगजू और डेगू को संभावित आयोजन स्थलों के तौर पर प्रस्तावित किया गया था। मंगोलिया के भी मेजबानी में रुचि दिखाने की रिपोर्ट सामने आई है, हालांकि उसके औपचारिक EOI की स्थिति स्पष्ट नहीं है। OCA ने कुल छह देशों के रुचि दिखाने की पुष्टि की है, लेकिन सभी देशों के नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
भारत पहले दो बार कर चुका है मेजबानी
भारत के पास एशियन गेम्स की मेजबानी का अनुभव पहले से है। देश ने 1951 में नई दिल्ली में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इसके बाद 1982 में भी नई दिल्ली में एशियन गेम्स आयोजित हुए थे। अब 2038 की मेजबानी की दावेदारी भारत के बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाती है। 2030 एशियन गेम्स दोहा और 2034 एशियन गेम्स रियाद में होंगे। दोनों संस्करणों की मेजबानी ओसीए ने 2020 में एक साथ आवंटित की थी।
आयोजन का पैमाना भी बड़ी चुनौती
एशियन गेम्स दुनिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में शामिल हैं। 2023 में हांगझोउ में हुए संस्करण में 40 खेलों में 11 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। 2026 एशियन गेम्स 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक आयोजित होंगे, जिसमें करीब 11 हजार खिलाड़ियों और लगभग छह हजार सहयोगी स्टाफ के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे बड़े आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे, आयोजन स्थलों और लॉजिस्टिक्स की व्यापक तैयारी जरूरी होती है। फिलहाल भारत की दावेदारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के चरण में है। अगले साल ओसीए की मूल्यांकन समिति के दौरे और शुरुआती रिपोर्ट के बाद तस्वीर कुछ और साफ होगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट और दूसरे दौर के मूल्यांकन के जरिए 2038 एशियन गेम्स के मेजबान के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।