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सुचिका तरियाल के नतीजे से संतुष्ट क्यों नहीं सास?: कहा- वह बेहतर नतीजे की हकदार थीं, पदक के लिए कड़ी मेहनत की

Tue, 22 Sep 2026 11:17 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

एशियन गेम्स 2026 में सुचिका तरियाल ने महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा कैटेगरी में कांस्य पदक जीता, लेकिन उनकी सास इस नतीजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सुचिका बेहतर नतीजे की हकदार थीं। सेमीफाइनल में विवादित फैसले के बाद सुचिका ने भी नाराजगी जताई थी।
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सुचिका - फोटो : Ians
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विस्तार
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भारत की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। हालांकि, सुचिका की सास इस नतीजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि सुचिका इससे बेहतर नतीजे की हकदार थीं। सुचिका मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं और उनकी परवरिश दिल्ली में हुई। शादी के बाद वह हरियाणा से जुड़ीं। अपनी सफलता का श्रेय सुचिका ने अपने मायके और ससुराल, दोनों परिवारों को दिया है।
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सास बोलीं- वह बेहतर नतीजे की हकदार थीं
सुचिका की कामयाबी पर उनकी सास ने कहा, 'सुचिका ने शुरू से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और मुकाबले में बनी रही हैं। 2022 में, वह चौथे स्थान पर रहीं, और तब भी उन्हें लगा कि वह बेहतर नतीजे की हकदार थीं। अब वह तीसरे स्थान पर रही हैं, हालांकि उन्हें लगा कि उन्हें दूसरा स्थान मिलना चाहिए था।' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वेट कैटेगरी का मूल्यांकन कैसे किया गया, लेकिन देश के लिए मेडल जीतने का उनका जज्बा हमेशा से मजबूत रहा है। परिवार के साथ उनका स्वभाव काफी अच्छा है।'

सुचिका रोने लगी थीं - फोटो : Twitter
परिवार ने खेल पर दिया पूरा ध्यान
सुचिका के दादा-ससुर ने भी उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि परिवार को उनकी जीत का पूरा भरोसा था और इसी वजह से सुचिका को घरेलू जिम्मेदारियों से दूर रखते हुए अपना खेल जारी रखने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा, 'हमें उनकी जीत का पूरा भरोसा था। उन्होंने बहुत मेहनत की। शादी से पहले भी वह कड़ी मेहनत कर रही थीं। इनकी छोटी बहन भी खिलाड़ी रही हैं, लेकिन वह ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं कर सकीं। हमें पता था कि सुचिका शानदार खिलाड़ी हैं। ऐसे में हमने उन्हें घर की कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी। हमने उन्हें अपना खेल खेलने दिया।' उन्होंने आगे कहा, 'वह हफ्ते-डेढ़ हफ्ते में घर आती हैं, सभी से मिलती हैं। उनका स्वभाव काफी अच्छा है।'

सेमीफाइनल के फैसले से नाराज थीं सुचिका
सुचिका खुद भी कांस्य पदक से संतुष्ट नहीं हैं। सिंगापुर की हुई हून टून के खिलाफ सेमीफाइनल में मुकाबले के दौरान दबदबा बनाने के बावजूद उन्हें हार का फैसला मिला। इससे सुचिका निराश नजर आईं और उन्होंने फैसले के बाद आर्बिट्रेशन की मांग को लेकर विरोध जताया। आर्बिट्रेशन के दौरान जजों ने मुकाबले की समीक्षा की और इसे ड्रॉ घोषित कर दिया।
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सुचिका - फोटो : IANS
ड्रॉ के बाद वजन के आधार पर हुआ फैसला
एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन (एएमएमए) के नियमों के मुताबिक, ड्रॉ की स्थिति में कम वजन वाली फाइटर को विजेता घोषित किया जाता है। इसी नियम के तहत सुचिका को फाइनल में जगह नहीं मिल सकी और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विवादित फैसले और आर्बिट्रेशन के बाद सुचिका ने मेडल गंवाने पर नाराजगी जताई और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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