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एक्सप्लेनर: एशियाड 2026 में 43 में से 34 खेलों में दिखेगा भारत का दम, किन खेलों में नहीं उतरेंगे हम और क्यों?

Mon, 14 Sep 2026 08:33 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा। इस बार 43 खेलों की 71 स्पर्धाओं में 469 पदक दांव पर होंगे। भारत 34 खेलों में चुनौती पेश करेगा। एथलेटिक्स, निशानेबाजी, क्रिकेट और कबड्डी पर देश की खास नजर रहेगी, जबकि फुटबॉल समेत नौ खेलों में भारत हिस्सा नहीं लेगा।
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एशियाई खेल 2026 के लिए भारत तैयार - फोटो : ANI
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विस्तार
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एशिया का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचने के लिए तैयार है। एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक होगा। यह जापान में होने वाला तीसरा एशियन गेम्स होगा। इससे पहले टोक्यो ने 1958 और हिरोशिमा ने 1994 में इस महाद्वीपीय खेल आयोजन की मेजबानी की थी। आइची-नागोया एशियन गेम्स में इस बार 43 खेल, 71 स्पर्धाएं और कुल 469 पदक स्पर्धाएं होंगी। 45 देशों और क्षेत्रों के 11 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों के इसमें हिस्सा लेने की उम्मीद है।

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हालांकि उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होगा, लेकिन खेल प्रतियोगिताएं इससे पहले ही शुरू हो जाएंगी। सबसे पहले पुरुष बास्केटबॉल की प्रतियोगिता 10 सितंबर से शुरू हो चुकी है। यानी उद्घाटन समारोह से करीब नौ दिन पहले ही एशियन गेम्स का खेल रोमांच शुरू हो चुका है। इस बार के कार्यक्रम में एथलेटिक्स, तैराकी, बैडमिंटन और मुक्केबाजी जैसे ओलंपिक खेलों के साथ एशिया की पहचान वाले कबड्डी, वुशु, सेपकटकरा, कुराश और जिउ-जित्सु जैसे खेल भी शामिल हैं।

श्रेयस और हरमनप्रीत - फोटो : BCCI

एशियन गेम्स 2026 में कौन-कौन से खेल होंगे?
आइची-नागोया में खेलों की सूची काफी व्यापक है। इसमें कई पारंपरिक खेलों के साथ कुछ नए खेल और नई स्पर्धाएं भी शामिल की गई हैं। मार्च 2026 में पैडल और टेकबॉल को कार्यक्रम में जोड़ा गया, जिसके बाद खेलों की संख्या 41 से बढ़कर 43 हो गई। सर्फिंग भी पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बनेगा। इसमें पुरुष और महिला शॉर्टबोर्ड स्पर्धाएं होंगी। साइकिलिंग में BMX फ्रीस्टाइल को नई स्पर्धा के रूप में शामिल किया गया है, जिसमें पुरुष और महिला पार्क प्रतियोगिताएं होंगी।

इसी तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स के तहत मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए (MMA) का भी एशियन गेम्स में डेब्यू होगा। एमएमए के साथ जिउ-जित्सु और कुराश भी कॉम्बैट स्पोर्ट्स का हिस्सा होंगे। एमएमए में छह स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जिनमें चार पुरुष और दो महिला वर्ग के होंगे। ताइक्वांडो में वर्चुअल ताइक्वांडो भी पहली बार शामिल किया गया है। इसमें एक मिश्रित व्यक्तिगत पदक स्पर्धा होगी। दूसरी ओर, ब्रेकिंग और ई-स्पोर्ट्स, जिनका आधिकारिक एशियन गेम्स डेब्यू हांगझोउ 2023 में हुआ था, इस बार भी कार्यक्रम का हिस्सा बने रहेंगे।

एक नजर में पूरा कार्यक्रम

खेल स्पर्धाएं पदक
स्पर्धाएं
प्रतियोगिता
की तारीख
भारत
की भागीदारी
जलीय खेल 4 55 20 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
तीरंदाजी 2 10 26 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
एथलेटिक्स 1 50 23-29 सितंबर हां
बैडमिंटन 1 7 20-29 सितंबर हां
बेसबॉल/सॉफ्टबॉल 2 2 21 सितंबर-
3 अक्तूबर
नहीं
बास्केटबॉल 2 4 10-26 सितंबर नहीं
मुक्केबाजी 1 11 21 सितंबर-
2 अक्तूबर
हां
ब्रेकिंग 1 2 2-3 अक्तूबर नहीं
कैनो/कयाक 2 18 23 सितंबर-
2 अक्तूबर
हां
मार्शल आर्ट्स 3 20 20 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
क्रिकेट 1 2 17 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
साइकिलिंग 5 22 20 सितंबर-
2 अक्तूबर
हां
घुड़सवारी 3 7 21 सितंबर-
4 अक्तूबर
हां
ई-स्पोर्ट्स 1 11 23 सितंबर-
2 अक्तूबर
हां
तलवारबाजी 3 12 22–27 सितंबर हां
फुटबॉल 1 2 14 सितंबर-
3 अक्तूबर
नहीं
गोल्फ 1 4 30 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
जिम्नास्टिक 3 18 21 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
हैंडबॉल 1 2 20-29 सितंबर नहीं
हॉकी 1 2 18 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
जूडो 1 15 30 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
कबड्डी 1 2 21-26 सितंबर हां
कराटे 2 15 20-23 सितंबर हां
आधुनिक पेंटाथलॉन 1 4 16-20 सितंबर नहीं
पैडल 1 2 28 सितंबर-
3 अक्तूबर
नहीं
रोइंग 1 14 20-24 सितंबर हां
रग्बी 1 2 1-3 अक्तूबर हां
नौकायन 1 14 26 सितंबर-3 अक्तूबर हां
सेपकटकरा 1 6 20 सितंबर-3 अक्तूबर हां
निशानेबाजी 3 28 20 सितंबर-1 अक्तूबर हां
स्केटबोर्डिंग 1 4 24-27 सितंबर नहीं
स्पोर्ट क्लाइंबिंग 1 6 29 सितंबर-3 अक्तूबर हां
स्क्वैश 1 5 23 सितंबर-2 अक्तूबर हां
सर्फिंग 1 2 25-28 सितंबर हां
टेबल टेनिस 1 7 20-28 सितंबर हां
ताइक्वांडो 3 11 1-3 अक्तूबर हां
टेनिस 2 10 18 सितंबर-
3 अक्तूबर
हां
टेकबॉल 1 5 17-20 सितंबर हां
ट्रायथलॉन 1 3 20-21 सितंबर नहीं
वॉलीबॉल 2 4 16 सितंबर-3 अक्तूबर हां
भारोत्तोलन 1 16 23-29 सितंबर हां
कुश्ती 2 18 30 सितंबर-3 अक्तूबर हां
वुशु 2 15 20-24 सितंबर हां
कुल 71 469 10 सितंबर-
4 अक्तूबर
34/43
 

 

श्रीहरि नटराज - फोटो : SAI Media
सबसे ज्यादा पदक किस खेल में?
 
  • अगर पदक स्पर्धाओं की संख्या की बात करें तो जलीय खेल सबसे आगे हैं। आइची-नागोया में जलीय खेलों में कुल 55 पदक स्पर्धाएं होंगी। इनमें तैराकी की 41, डाइविंग की 10 और आर्टिस्टिक स्विमिंग तथा वॉटर पोलो की दो-दो स्पर्धाएं शामिल हैं।
  • इसके बाद एथलेटिक्स का नंबर आता है, जिसमें 50 पदक स्पर्धाएं होंगी। यानी ट्रैक एंड फील्ड एशियन गेम्स में सबसे ज्यादा पदक बांटने वाले खेलों में दूसरे स्थान पर रहेगा।
  • इसके बाद निशानेबाजी में 28, जबकि साइकिलिंग में 22 पदक स्पर्धाएं होंगी। कॉम्बैट स्पोर्ट्स में 20 और कैनो/कयाक में 18 पदक स्पर्धाएं रखी गई हैं।
  • भारत के लिहाज से भी ये आंकड़े बेहद अहम हैं, क्योंकि एथलेटिक्स और निशानेबाजी दोनों ही ऐसे खेल हैं, जहां देश को बड़ी संख्या में पदक की उम्मीद रहेगी।
 

 

एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में 2023 की तुलना में क्या बदलाव - फोटो : ANI
क्रिकेट में टी20 का रोमांच, पुरुष और महिला दोनों टीमें उतरेंगी
 
  • एशियन गेम्स में क्रिकेट का रोमांच भी देखने को मिलेगा। यहां क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाएगा और पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक दांव पर होगा।
  • क्रिकेट को हांगझोउ 2023 के बाद एक बार फिर एशियन गेम्स कार्यक्रम में बरकरार रखा गया है। इतना ही नहीं, टी20 क्रिकेट को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में भी जगह मिल चुकी है।
  • ऐसे में एशियन गेम्स में क्रिकेट की मौजूदगी को सिर्फ पदक की लड़ाई के तौर पर नहीं देखा जाएगा, बल्कि यह खेल के बढ़ते वैश्विक दायरे का भी हिस्सा है।
  • भारत के लिए क्रिकेट खास महत्व रखता है, क्योंकि भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमें पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। ऐसे में आइची-नागोया में भारत के सामने दोनों खिताब बचाने की चुनौती होगी।
 

 

ई स्पोर्ट्स - फोटो : PTI
ई-स्पोर्ट्स में बढ़ा पदक दांव
 
  • ई-स्पोर्ट्स ने भी एशियन गेम्स में अपनी जगह मजबूत की है। हांगझोउ 2023 में इसके सात पदक थे, लेकिन आइची-नागोया में इनकी संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
  • ब्रेकिंग और ई-स्पोर्ट्स दोनों को हांगझोउ में आधिकारिक रूप से एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। इस बार भी दोनों को बरकरार रखा गया है।
  • यह बदलाव इस बात का संकेत है कि एशियन गेम्स का कार्यक्रम सिर्फ पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रह रहा है, बल्कि युवा दर्शकों और बदलती खेल संस्कृति को भी इसमें जगह मिल रही है।
 

 

हरमिलन - फोटो : ANI
हांगझोउ से कितना बदला एशियन गेम्स का कार्यक्रम?
 
  • 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियन गेम्स में 40 खेल, 61 स्पर्धाएं और 481 पदक स्पर्धाएं थीं। इसके मुकाबले आइची-नागोया में खेलों की संख्या बढ़कर 43 और स्पर्धाओं की संख्या 71 हो गई है।
  • लेकिन दिलचस्प बात यह है कि खेल और स्पर्धाएं बढ़ने के बावजूद पदक स्पर्धाओं की संख्या कम हो गई है। हांगझोउ के 481 के मुकाबले इस बार 469 पदक स्पर्धाएं होंगी, यानी 12 कम।
  • इस बार कुछ पुराने खेल कार्यक्रम से बाहर भी हो गए हैं। ब्रिज, शतरंज और ड्रैगन बोट, जो पहले एशियन गेम्स में शामिल रहे हैं, आइची-नागोया के कार्यक्रम में नहीं हैं।
  • स्केटबोर्डिंग को लेकर भी बदलाव हुआ है। हांगझोउ में इसे रोलर स्पोर्ट्स के तहत रखा गया था, लेकिन इस बार इसे अलग खेल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
  • वहीं, मैराथन स्विमिंग को भी जलीय खेलों की स्पर्धा के रूप में इस बार जगह नहीं मिली है। रोलर स्पोर्ट्स अब अलग खेल के रूप में सूचीबद्ध नहीं है और रोलर स्केटिंग को हटा दिया गया है, जबकि स्केटबोर्डिंग को बरकरार रखा गया है।
 

 

किदांबी श्रीकांत-पीवी सिंधू - फोटो : ANI
भारत कितने खेलों में उतरेगा?
 
  • भारत आइची-नागोया एशियन गेम्स में 43 में से 34 खेलों में हिस्सा लेगा। यानी देश की चुनौती करीब तीन चौथाई खेलों में होगी, लेकिन सभी खेलों में भारतीय खिलाड़ी नजर नहीं आएंगे।
  • भारत के लिए सबसे बड़ा दल एथलेटिक्स में होगा। इसमें 70 से ज्यादा भारतीय खिलाड़ियों के उतरने की उम्मीद है।
  • एथलेटिक्स हांगझोउ 2023 में भारत का सबसे सफल खेल भी रहा था। वहां भारतीय एथलीटों ने कुल 29 पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण शामिल थे।
  • निशानेबाजी भी भारत के लिए बेहद अहम रहने वाली है। हांगझोउ में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीते थे, जिनमें सात स्वर्ण थे। आइची-नागोया में करीब 30 भारतीय निशानेबाजों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
  • यानी भारत की पदक उम्मीदों में एथलेटिक्स और निशानेबाजी सबसे ऊपर रहेंगे, जबकि क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कुश्ती, हॉकी और अन्य खेल भी पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

भारत ने किस एशियाई खेल में कितने पदक जीते?
खेल मेजबान भारत
की रैंक
स्वर्ण रजत कांस्य कुल
1951 नई दिल्ली भारत 2 15 16 20 51
1954 मनीला फिलीपींस 5 5 4 8 17
1958 टोक्यो जापान 7 5 4 4 13
1962 जकार्ता इंडोनेशिया 3 10 13 10 33
1966 बैंकॉक थाईलैंड 5 7 3 11 21
1970 बैंकॉक थाईलैंड 5 6 9 10 25
1974 तेहरान ईरान 7 4 12 12 28
1978 बैंकॉक थाईलैंड 6 11 11 6 28
1982 नई दिल्ली भारत 5 13 19 25 57
1986 सियोल दक्षिण कोरिया 5 5 9 23 37
1990 बीजिंग चीन 11 1 8 14 23
1994 हिरोशिमा जापान 8 4 3 16 23
1998 बैंकॉक थाईलैंड 9 7 11 17 35
2002 बुसान दक्षिण कोरिया 7 11 12 13 36
2006 दोहा कतर 8 10 17 26 53
2010 ग्वांगझू चीन 6 14 17 34 65
2014 इंचियोन दक्षिण कोरिया 8 11 9 37 57
2018 जकार्ता और पालेमबांग इंडोनेशिया 8 16 23 31 70
2022 हांगझोऊ चीन 4 28 38 40 106
2026 आइची और नागोया जापान ? ? ? ? ?
कुल -- -- 183 238 357 778

 

 

स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम - फोटो : ANI
भारत किन खेलों में अपने खिताब बचाने उतरेगा?
 
  • क्रिकेट और कबड्डी भारत के लिए खास होंगे। क्रिकेट में भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों के स्वर्ण पदक का बचाव करेगा।
  • कबड्डी में भी भारत के पास दोनों वर्गों के खिताब हैं और यहां भी पुरुष तथा महिला दोनों टीमों का लक्ष्य स्वर्ण बरकरार रखना होगा।
  • इन खेलों के अलावा एथलेटिक्स और निशानेबाजी में भी भारत के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में इन दोनों खेलों ने भारत की पदक संख्या बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
 
भारत ने एशियाड में कौन से खेल में कितने पदक जीते?
खेल भारत
की रैंक
स्वर्ण रजत कांस्य कुल
तीरंदाजी 3 6 6 7 19
एथलेटिक्स 3 85 102 96 283
बैडमिंटन 7 1 2 10 13
मुक्केबाजी 8 9 17 35 61
ब्रिज 4 1 1 2 4
कैनोइंग 11 0 0 2 2
शतरंज 2 2 2 2 6
क्रिकेट 2 2 0 0 2
क्यू स्पोर्ट्स 3 5 4 6 15
साइकिलिंग 17 0 1 2 3
डाइविंग 3 2 1 2 5
घुड़सवारी 3 4 3 7 14
हॉकी 3 5 11 7 23
फुटबॉल 6 2 0 1 3
गोल्फ 5 3 4 0 7
जिम्नास्टिक 13 0 0 1 1
जूडो 17 0 0 5 5
कबड्डी 1 11 1 1 13
कुराश 8 0 1 1 2
लॉन टेनिस 5 10 7 17 34
रोलर स्पोर्ट्स 7 0 0 4 4
रोइंग 6 2 7 19 28
नौकायन 10 1 8 14 23
सेपक टकरॉ 11 0 0 2 2
निशानेबाजी 6 16 30 34 80
स्क्वैश 3 3 4 11 18
तैराकी 14 1 2 6 9
टेबल टेनिस 11 0 0 3 3
ताइक्वांडो 24 0 0 1 1
वॉलीबॉल 5 0 1 2 3
वाटर पोलो 5 1 1 1 3
भारोत्तोलन 19 0 5 9 14
कुश्ती 7 11 15 39 65
वुशु 14 0 2 8 10
कुल 5 183 238 357 778

नोट: बोर्ड गेम्स में ब्रिज, शतरंज, गो और शियांगची शामिल हैं।

 

 

भारतीय फुटबॉल टीम - फोटो : AIFF
फुटबॉल समेत नौ खेलों में भारत क्यों नहीं होगा?
 
  • एशियन गेम्स के कार्यक्रम में 43 खेल होने का मतलब यह नहीं है कि भारत सभी 43 में हिस्सा लेगा। भारत नौ खेलों में प्रतिनिधित्व नहीं करेगा।
  • इनमें फुटबॉल, बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, बास्केटबॉल, ब्रेकिंग, हैंडबॉल, आधुनिक पेंटाथलॉन, पैडल, स्केटबोर्डिंग और ट्रायथलॉन शामिल हैं।
  • सबसे ज्यादा चर्चा फुटबॉल को लेकर होगी। पुरुष और महिला दोनों भारतीय फुटबॉल टीमें एशियन गेम्स 2026 में नहीं उतरेंगी। इसके पीछे सरकार के चयन मानदंड अहम हैं।
  • एशियन गेम्स 2026 के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के चयन मानदंड के अनुसार आम तौर पर किसी टीम को नवीनतम एशियाई चैंपियनशिप में शीर्ष आठ में रहना या एशिया की शीर्ष आठ टीमों में रैंक होना जरूरी है।
  • भारतीय पुरुष और महिला फुटबॉल टीमें इस शीर्ष आठ प्रदर्शन मानदंड को पूरा नहीं कर सकीं। इसी वजह से दोनों टीमों को आइची-नागोया एशियन गेम्स में जगह नहीं मिली।
  • यह भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि फुटबॉल एशियन गेम्स के लोकप्रिय खेलों में शामिल है। लेकिन इस बार भारत की चुनौती मैदान पर नहीं, बल्कि चयन मानदंड की सीमा तक ही रहेगी।
 

 

ईशा सिंह और मनु भाकर - फोटो : PTI
भारत की पदक उम्मीदें किन खेलों पर टिकी रहेंगी?
भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में सबसे बड़ी उम्मीद एथलेटिक्स और निशानेबाजी से होगी। एथलेटिक्स में 70 से ज्यादा खिलाड़ियों का दल उतरने की संभावना है, जबकि निशानेबाजी में करीब 30 निशानेबाज चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा क्रिकेट में दोनों स्वर्ण पदकों का बचाव, कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों खिताब बरकरार रखने की चुनौती और बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कुश्ती, हॉकी, तीरंदाजी, भारोत्तोलन तथा टेबल टेनिस जैसे खेलों में पदक की उम्मीदें भारत की कुल संख्या को बढ़ा सकती हैं। यानी भारत के लिए यह सिर्फ 34 खेलों में भागीदारी का मामला नहीं है। असली लक्ष्य पिछले एशियन गेम्स की पदक संख्या से आगे निकलना और अलग-अलग खेलों में अपनी स्थिति मजबूत करना होगा।

 

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम - फोटो : PTI
एशियन गेम्स 2026 क्यों खास है?
आइची-नागोया एशियन गेम्स कई मायनों में बदलाव का संकेत देगा। एक तरफ पारंपरिक एशियाई खेलों की मौजूदगी बनी हुई है, तो दूसरी तरफ पैडल, टेकबॉल, सर्फिंग, MMA और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे खेल कार्यक्रम को नया रूप दे रहे हैं। इसके अलावा ई-स्पोर्ट्स जैसे खेलों का विस्तार भी दिख रहा है। वहीं कुछ पुराने खेलों को हटाया गया है। इस तरह एशियन गेम्स का कार्यक्रम लगातार बदलते खेल परिदृश्य के साथ खुद को ढालता दिखाई दे रहा है।

भारत के लिए भी यह संस्करण महत्वपूर्ण है। देश 43 में से 34 खेलों में हिस्सा लेगा और एथलेटिक्स तथा निशानेबाजी से बड़े पदक की उम्मीद रहेगी। क्रिकेट और कबड्डी में दो-दो स्वर्ण बचाने की चुनौती होगी। दूसरी ओर फुटबॉल समेत नौ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रहेगी। कुल मिलाकर आइची-नागोया 2026 सिर्फ पदकों की संख्या की लड़ाई नहीं होगी। यह यह भी तय करेगा कि एशियाई खेलों में भारत की ताकत किन खेलों में सबसे ज्यादा बढ़ी है और किन क्षेत्रों में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।
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