रोशिबिना
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वुशु में रोशिबिना ने लगातार तीसरी बार जीता पदक
वुशु में भारत की रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। चीन की खिलाड़ी ने दोनों राउंड 5-0 से अपने नाम किए। इस रजत के साथ रोशिबिना लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। उन्होंने 2018 जकार्ता में कांस्य और 2023 हांगझोउ में रजत पदक जीता था। अब 2026 में भी उनके खाते में रजत आया।
एशियन गेम्स
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मिश्रित रिले में भारत को रजत
एथलेटिक्स की मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत ने रजत पदक जीता। पूवम्मा माचेत्तिरा, विशाल थेनारासु, विथ्या रामराज और मनु थेक्कानिल की भारतीय चौकड़ी ने 3:14.46 का समय निकाला। भारत एक समय पीछे चल रहा था, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए पहले तीसरा स्थान हासिल किया और अंतिम चरण में दूसरे स्थान पर पहुंचकर रजत पदक पक्का किया। भारत ने इस स्पर्धा में लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीता है। 2018 में भारत ने स्वर्ण और 2023 में रजत पदक जीता था।
सलमान और सतनाम
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रोइंग में पुरुष डबल स्कल्स में कांस्य
रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने 6:13.25 का समय निकाला। भारत शुरुआत में मजबूत स्थिति में था और 500, 1000 तथा 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बना रहा। अंतिम 500 मीटर में भारतीय जोड़ी की रफ्तार थोड़ी कम हुई और चीन तथा उज्बेकिस्तान के बाद उसे कांस्य से संतोष करना पड़ा। इसी स्पर्धा में बलराज पंवार पुरुषों की सिंगल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 6:54.80 का समय लिया और अंतिम चरण तक पदक की दौड़ में बने रहे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में दो खिलाड़ियों से पिछड़ गए।
अनंतजीत और परिनाज
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मिश्रित स्कीट टीम में भारत को कांस्य
निशानेबाजी में अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने मिश्रित स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक हासिल किए। चीन ने 52 अंक के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 51 अंक के साथ रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी क्वालीफिकेशन में 138 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही थी और अंतिम स्थान हासिल कर फाइनल में पहुंची थी। यह एशियन गेम्स में दोनों निशानेबाजों का दूसरा पदक है। दोनों इससे पहले अपनी-अपनी स्कीट टीम स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं।
सीमा कुमारी
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10,000 मीटर में सीमा कुमारी का कांस्य
एथलेटिक्स में सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 32:50.05 का समय निकाला। सीमा दौड़ के दौरान लगातार पदक की दौड़ में बनी रहीं। एक समय चौथे स्थान पर खिसकने के बाद उन्होंने आखिरी चरण में वापसी की और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। यह मौजूदा एशियन गेम्स में एथलेटिक्स में भारत का पहला पदक है। महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत ने 16 साल बाद पदक जीता है और यह एशियन गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में भारत का तीसरा पदक है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगातार तीसरा मैच जीता
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हॉकी में दक्षिण कोरिया पर रिकॉर्ड जीत
पदक के अलावा पुरुष हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने पूल ए के मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया। भारत ने पहले हाफ में ही 5-0 की बढ़त बना ली थी। भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने गोल किए। दिलप्रीत और अभिषेक ने तीसरे क्वार्टर में भी गोल दागे, जबकि राजिंदर सिंह ने अंतिम मिनट में आठवां गोल किया। दक्षिण कोरिया के लिए किम जेहो और किम योंगबोक ने गोल किए। भारत की यह एशियन गेम्स में दक्षिण कोरिया के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले 1962 में भारत ने उसे 5-0 से हराया था।
महिला कबड्डी टीम सेमीफाइनल में
महिला कबड्डी में भारत ने जापान को 50-25 से हराकर अपना अजेय अभियान जारी रखा। भारत ने पहले हाफ में 32-13 की बढ़त बनाई थी। भारत इससे पहले बांग्लादेश और ईरान को भी हरा चुका था। इस जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई और उसका पदक भी पक्का हो गया। भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन है।
पुरुष कबड्डी में भी सेमीफाइनल का टिकट
पुरुष कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराया। भारत ने पहले हाफ में 23-11 की बढ़त बनाई थी और दूसरे हाफ में भी बढ़त बनाए रखी। भारत जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश को हराकर पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुका था। अब सेमीफाइनल में उसका सामना 25 सितंबर को थाईलैंड से होगा।
अनाहत सिंह
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स्क्वैश में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
महिला एकल में अनाहत सिंह ने सिंगापुर की यी एयिन औ येओंग को 3-0 से हराया, जबकि तन्वी खन्ना ने यी यान औ येओंग को 3-1 से मात दी। अब क्वार्टर फाइनल में दोनों भारतीय खिलाड़ियों का आमना-सामना होगा। पुरुष एकल में अभय सिंह ने श्रीलंका के रविंदु लक्सिरी को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वीर चोत्रानी ने मलेशिया के संजय जीवा को 3-2 से हराया और अब उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने भारतीय जोड़ी सूरज चंद और शमिना रियाज को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
साक्षी चौधरी
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मुक्केबाजी में परवीन क्वार्टर फाइनल में
महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन को ताजिकिस्तान की मलिका नोजिमोवा के खिलाफ वॉकओवर मिला और वह क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं। अब उनका सामना उज्बेकिस्तान की मौजूदा विश्व रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा से होगा। महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी को कजाखस्तान की मौजूदा विश्व चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा के खिलाफ 2-3 से हार मिली और उनका अभियान समाप्त हो गया।
प्रणति नायक
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जिम्नास्टिक्स में प्रणति नायक छठे स्थान पर
महिलाओं की वॉल्ट स्पर्धा में प्रणति नायक 13.100 के कुल स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहीं। दोनों वॉल्ट में उन्होंने 12.900 अंक हासिल किए। 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में प्रणति आठवें स्थान पर रही थीं। इस बार छठे स्थान पर रहना उनके प्रदर्शन में सुधार है।
तलवारबाजी में भारतीय अभियान समाप्त
महिलाओं की व्यक्तिगत साबरे स्पर्धा में सीए भवानी देवी और श्रेया गुप्ता पदक नहीं जीत सकीं। दोनों को अंतिम 16 के मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। भवानी देवी ने इससे पहले मंगोलिया की ओलेन तुग्सजर्गल को 15-8 से हराया था, लेकिन चीन की राव शुए से 5-15 से हार गईं। वहीं श्रेया गुप्ता को दक्षिण कोरिया की जियोन हा-यंग ने 15-6 से हराया।
आशा इलांगो
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काउंटबैक नियम के चलते हाथ से फिसला पदक, आशा इलांगो ट्रिपल जंप में चौथे स्थान पर
आशा इलांगो गुरुवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की ट्रिपल जंप स्पर्धा में मामूली अंतर से पदक से चूक गईं। आशा ने 13.83 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, लेकिन चीन की ली यी के साथ समान स्कोर होने के बावजूद काउंटबैक नियम के कारण उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। उज्बेकिस्तान की मौजूदा चैंपियन शरीफा दावरोनोवा ने 14.35 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक बरकरार रखा। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने 14.12 मीटर के साथ रजत, जबकि ली यी ने 13.83 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
आशा ने 13.43 मीटर के साथ शुरुआत की, लेकिन उनका दूसरा प्रयास फाउल रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने 13.83 मीटर की छलांग लगाकर पदक की उम्मीद जगाई। हालांकि, इसके बाद वह 13.63, 13.65 और 13.59 मीटर की छलांग ही लगा सकीं। ली का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास बेहतर होने के कारण आशा को चौथे स्थान पर रहना पड़ा। भारत की दूसरी खिलाड़ी निहारिका वशिष्ठ 13.00 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ 10वें स्थान पर रहीं और शीर्ष आठ में जगह नहीं बना सकीं।