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एथलेटिक्स: भाला फेंक में मिली दोहरी सफलता, श्रीशंकर और गुलवीर ने कराई चांदी; वित्या-पारुल ने दिलाए कांस्य पदक

Mon, 28 Sep 2026 06:43 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया

सार

एशियन गेम्स में सोमवार को भी भारतीय एथलीट्स का पदक जीतने का सिलसिला जारी रहा। महिला 400 मीटर में वित्या रामराज, पुरुष 1500 मीटर में गुलवीर सिंह, महिला 5000 मीटर में पारुल चौधरी, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और पुरुष भाला फेंक में यशवीर सिंह और रोहित यादव ने भारत को पदक दिलाए हैं। वहीं, कुछ स्पर्धाओं में निराशा मिली है।
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एशियन गेम्स - फोटो : IANS/AFI/Twitter
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विस्तार
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गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में और मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक दिलाया, जबकि भारत की वित्या रामराज और पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। पुरुष भाला फेंक में भारत को दो पदक मिले। वित्या ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में पदक दिलाया। हालांकि, पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज में अविनाश साबले को निराशा मिली और वह पदक से चूक गए। वहीं, पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन भी पोडियम फिनिश नहीं कर सके। आइए जानते हैं एशियाड में सोमवार को भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन कैसा रहा है...
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गुलवीर का दमदार प्रदर्शन जारी
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में रजत पदक जीत लिया। गुलवीर आखिरी लैप में सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन अंतिम कुछ सेकेंड में वह पिछड़ गए और दूसरे स्थान पर रहे। गुलवीर ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3:36.72 मिनट का समय लिया। जापान के काजुतो इजावा 3:36.35 मिनट के समय के साथ स्वर्ण लाने में सफल रहे। गुलवीर 0.37 सेकेंड के समय से पहले स्थान पर आने से चूक गए। एक समय गुलवीर पहले और युनूस शाह तीसरे स्थान पर चल रहे थे, लेकिन युनूस पिछड़ते चले गए और 3:43.88 मिनट का समय लेकर नौवें स्थान पर रहे। गुलवीर का मौजूदा एशियाड में यह दूसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले पुरुष 10000 मीटर में रजत पदक जीता था।

मुरली श्रीशंकर - फोटो : PTI
चोट के बावजूद मुरली श्रीशंकर ने कराई चांदी
भारत के मुरली श्रीशंकर ने पुरुष लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया है। श्रीशंकर चौथे प्रयास के दौरान चोटिल हो गए जिसके बाद उन्होंने अगले दो प्रयास नहीं लिए। हालांकि, दूसरे प्रयास में उन्होंने 8.07 मीटर की छलांग लगाई जिससे वह दूसरे स्थान पर फिनिश करने में सफल रहे। श्रीशंकर के पास स्वर्ण जीतने का मौका था, लेकिन चोटिल होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने भारत को एशियन गेम्स में पदक दिलाया। चीन के युहाओ शी ने 8.17 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के एक अन्य एथलीट डेविड सोलोमन पातुराज 7.70 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे।

यशवीर सिंह-रोहित यादव - फोटो : ANI
भाला फेंक में मिले दो पदक
एशियन गेम्स के पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में भारत को दोहरी सफलता मिली है। भारत ने इस स्पर्धा में रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। भारत को यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत और रोहित यादव ने 84.35 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। यशस्वी का यह प्रदर्शन उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। नीरज चोपड़ा के एशियन गेम्स से बाहर होने के बावजूद भारत इस स्पर्धा में दो पदक जीतने में सफल रहा। पाकिस्तान के अरशद नदीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह 80.29 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।

वित्या ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
वित्या ने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 54.75 सेकेंड का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहकर पदक दिलाया। भारत की एक अन्य एथलीट अनु राघवन 55.88 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। वित्या ने इसके साथ ही महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कोयंबटूर की 28 वर्षीय वित्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। वित्या का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

पारुल चौधरी, एथलीट - फोटो : अमर उजाला
पारुल ने महिला 5000 मीटर में दिलाया कांस्य 
भारत की पारुल चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत लिया। पारुल ने महिला 5000 मीटर दौड़ में तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य अपने नाम किया। पारुल 15:14.61 मिनट का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। पारुल का मौजूदा एशियाड में यह दूसरा पदक है। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15:10.18 मिनट का समय लेकर स्वर्ण और जापान की नोजोमी तनाका 15:11.65 मिनट के समय के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। भारत की एक अन्य धाविका सीमा 15:35.06 मिनट का समय लेकर छठे स्थान पर रहीं।

संतोष का निराशाजनक प्रदर्शन
पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन पदक लाने से चूक गए। संतोष ने 49.95 सेकेंड का समय लिया और आठ धावकों में आठवें स्थान पर रहे। 

साबले पदक से चूके
भारत के अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में पदक लाने से चूक गए। साबले 8:21.67 मिनट के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पोडियम फिनिश नहीं कर सके। साबले ने स्वर्ण पदक दिलाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराशाजनक प्रदर्शन किया। चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सीमा चौथे स्थान पर रहीं
राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद वह एशियाई खेलों में महिलाओं की चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता में एक समय सीमा तीसरे स्थान पर थी, लेकिन थाईलैंड की सुबेनरात इनसाएंग ने अपने चौथे प्रयास में 61.43 मीटर का थ्रो करके भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। चीन की फेंग बिन (63.83 मीटर) और जियांग झीचाओ (62.25 मीटर) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते, जबकि सुबेनरात ने कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में भाग लेने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी सान्या यादव ने 49.90 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।

चार गुणा 100 मीटर रिले टीम फाइनल में
भारत की चार गुणा 100 मीटर मिश्रित रिले टीम नेसोमवार को दूसरी हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। गुरिंदरवीर सिंह, अबिनया राजराजन, अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा की चौकड़ी ने 41.54 सेकेंड का समय निकाला और चीन (41.52) से पीछे रही।
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महिला चार गुणा 100 मीटर रिले में चूके
भारत को महिला चार गुणा 100 मीटर रिले में निराशा हाथ लगी है। भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही और पदक जीतने से चूक गई। तमन्ना, स्नेहा शानुवली सत्यनारायण, सुदेशना शिवांकर और अबिन्य राजराजन की चौकड़ी ने फाइनल में 43.57 सेकेंड का समय लिया और चौथे स्थान पर रही। भारत 0.05 सेकेंड से पदक लाने से चूक गया। 
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