भारत की अनाहत सिंह ने जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-2 (9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3) से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही अनाहत ने एशियन गेम्स 2026 के महिला सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में जगह बना ली है।
चिनप्पा, अनाहत और दीपिका
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फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी
अनाहत एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला स्क्वैश खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले दीपिका पल्लीकल और जोशन चिनप्पा जैसी स्टार भी महिला एकल में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन कभी फाइनल में नहीं पहुंच पाईं। चिनप्पा और दीपिका ने इस इवेंट में कांस्य जरूर जीता है, लेकिन सिल्वर या गोल्ड नहीं जीत पाईं। 18 साल की भारतीय खिलाड़ी को शुरुआती दो गेम 9-11 और 11-13 से हारने के बाद कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
अनाहत
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उन्होंने गेम प्वाइंट्स बचाकर और 8-10 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए तीसरा गेम 12-10 से जीतकर खुद को मुकाबले में बनाए रखा। इसके बाद अनाहत ने चौथे गेम में शानदार वापसी की। 8-6 से पिछड़ने के बाद, उन्होंने लगातार पांच प्वाइंट जीतकर गेम 11-6 से अपने नाम किया और सेमीफाइनल को 2-2 की बराबरी पर लाकर निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
अनाहत
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अनाहत की नजर स्वर्ण पदक जीतने पर
भारतीय खिलाड़ी ने पांचवें और आखिरी गेम में दबदबा बनाया और इसे 11-3 से जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अनाहत की जीत से उनका मेडल पक्का हो गया है। यह युवा खिलाड़ी इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में अपना पहला सिंगल्स मेडल (गोल्ड या सिल्वर) जीतेगी। वातानाबे के तीसरे गेम हारने के बाद, मैच का रुख पूरी तरह से भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में हो गया। उन्होंने मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत की और बेहतरीन रैकेट कौशल दिखाते हुए आखिरी दो गेम में अपनी जापानी प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया।
अनाहत
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2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन पर नजर
अनाहत की जीत फाइनल के लिहाज से भी बहुत अहम है, क्योंकि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने पर लॉस एंजिल्स ओलंपिक में सीधे एंट्री मिलती है। अनाहत सिंह पिछली बार एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली महिला और मिक्स्ड टीम का भी हिस्सा थीं। यह युवा खिलाड़ी अब महिला सिंगल्स फाइनल के लिए कोर्ट पर उतरेगी। वहीं, मिक्स्ड डबल्स जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को सेमीफाइनल में हॉन्गकॉन्ग, चीन की जोड़ी ली का यी और तांग मिंग होंग के खिलाफ हार मिली, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।