एशियन गेम्स 2026 का आधिकारिक आगाज 19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में होगा। भारत 501 खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है। नीरज चोपड़ा चोट के कारण नहीं खेलेंगे, जबकि मनु भाकर और पवन सेहरावत ध्वजवाहक होंगे। जानें भारत के मुकाबलों, पदक दावेदारों, इतिहास और लाइव प्रसारण से जुड़े आठ अहम सवालों के जवाब।
जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 का आधिकारिक आगाज 19 सितंबर यानी आज से होगा। चार साल में एक बार होने वाले इस बहु-खेल आयोजन में 43 खेलों में 469 पदकों के लिए मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं 54 स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। हालांकि, बास्केटबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट और मॉडर्न पेंटाथलॉन जैसे कुछ खेलों के मुकाबले 10 सितंबर से ही शुरू हो चुके हैं।
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भारत इस बार 501 खिलाड़ियों के दल के साथ एशियाई खेलों में उतर रहा है। भारतीय दल की कोशिश तीन साल पहले हांगझोउ में हासिल किए गए 107 पदकों के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने या उससे बेहतर करने की होगी। ऐसे में भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यह जानना जरूरी है कि खेल कब से कब तक होंगे, भारत किन खेलों में उतरेगा, किन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है और मुकाबले कब देखे जा सकते हैं।
1. एशियन गेम्स 2026 की प्रमुख तारीखें क्या हैं?
एशियन गेम्स 2026 का आधिकारिक उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होगा। वहीं पूरे आयोजन का समापन चार अक्तूबर को निर्धारित है। हालांकि, कुछ खेलों की प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं। बास्केटबॉल 10 सितंबर से शुरू हो चुका है, वहीं फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट और मॉडर्न पेंटाथलॉन जैसे खेलों के मुकाबले भी शुरू हो गए हैं। यानी उद्घाटन समारोह से पहले भी कुछ खेलों में एथलीट प्रतिस्पर्धा करते नजर आ रहे हैं।
भारत में दर्शकों के लिए उद्घाटन समारोह का समय भी महत्वपूर्ण है। जापान में होने वाले उद्घाटन समारोह का भारतीय समयानुसार आयोजन 19 सितंबर को दोपहर 2:30 (ढाई) बजे से शाम 4:30 (साढ़े चार) बजे तक होगा। उद्घाटन समारोह का आयोजन पालोमा मिजुहो स्टेडियम में किया जाएगा। इसके बाद चार अक्तूबर तक अलग-अलग खेलों में पदकों के लिए मुकाबले जारी रहेंगे।
एशियन गेम्स 2026
- फोटो : ANI
2. एशियन गेम्स 2026 में कितने खेल होंगे और भारत कितने खेलों में उतरेगा?
इस बार एशियन गेम्स में कुल 43 खेल शामिल हैं। यह संख्या पिछले हांगझोउ एशियन गेम्स की तुलना में 12 कम है। इस संस्करण में कुछ खेल पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बन रहे हैं। इनमें फ्रीस्टाइल बीएमएक्स, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, सर्फिंग, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो शामिल हैं।
भारत के खिलाड़ी 36 खेलों में हिस्सा लेंगे। भारतीय दल में सबसे ज्यादा खिलाड़ी एथलेटिक्स में हैं। एथलेटिक्स के लिए 73 खिलाड़ियों का नाम सामने आया है। इसके बाद शूटिंग में 30, रोइंग में 22, सेपक टकरॉ में 21 तथा बैडमिंटन और फेंसिंग में 20-20 खिलाड़ी हैं। कुश्ती में भारत के 16 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
हॉकी, क्रिकेट और कबड्डी जैसे खेलों में भारत की पुरुष और महिला टीमें भी उतरेंगी। इस तरह भारत का अभियान कई अलग-अलग खेलों में फैला हुआ होगा और अलग-अलग दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने के मौके होंगे।
3. एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक की संभावनाएं क्या हैं?
इस सदी में एशियन गेम्स में भारत के पदक प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। हांगझोउ में तीन साल पहले भारत ने पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया था। भारत ने वहां 28 स्वर्ण समेत कुल 107 पदक जीते थे, जो एशियन गेम्स में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ पदक प्रदर्शन है।
हांगझोउ में भारत से ऊपर चीन, जापान और दक्षिण कोरिया रहे थे। चीन ने 201 स्वर्ण समेत 383 पदक, जापान ने 52 स्वर्ण समेत 188 पदक और दक्षिण कोरिया ने 42 स्वर्ण समेत 190 पदक जीते थे।
इस बार भारत के सामने फिर से 100 पदकों के आंकड़े तक पहुंचने की चुनौती होगी। हालांकि भारत पिछली बार के 655 खिलाड़ियों की तुलना में इस बार कम यानी 501 खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है।
स्वर्ण पदक के दावेदार कौन-कौन
भारत के प्रमुख स्वर्ण पदक दावेदारों में पुरुष और महिला क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमें शामिल हैं। शूटिंग में मनु भाकर पर भी निगाहें रहेंगी। पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीत चुकी मनु 10 मीटर और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में उतरेंगी।
तीरंदाजी में रिकर्व खिलाड़ी धीरज बोम्मदेवरा अच्छी फॉर्म में हैं और उन्हें दक्षिण कोरिया की चुनौती का सामना करना होगा।
एथलेटिक्स में तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरे एशियन गेम्स में शॉटपुट का स्वर्ण जीतने की कोशिश करेंगे। लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और लंबी दूरी की दौड़ में गुलवीर सिंह भी प्रमुख भारतीय दावेदारों में हैं।
महिला लंबी कूद में एंसी सोजन के नाम इस सत्र में एशिया की सबसे लंबी छलांग है, जबकि उनकी भारतीय साथी शैली सिंह इस सत्र में एशिया में तीसरे स्थान पर हैं। दोनों पदक की कोशिश करेंगी।
बैडमिंटन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने हांगझोउ में पुरुष युगल का स्वर्ण जीता था और वे नागोया में भी अपना प्रदर्शन दोहराने की कोशिश करेंगे।
इसके अलावा मीराबाई चानू (भारोत्तोलन), अमन सहरावत (कुश्ती), पीवी सिंधु (बैडमिंटन), अविनाश साबले (एथलेटिक्स), रुद्रांक्ष पाटिल (शूटिंग), साक्षी चौधरी और सचिन सिवाच (मुक्केबाजी) तथा बलराज पंवार (रोइंग) पर भी नजर रहेगी।
4. नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स 2026 में क्यों नहीं खेल रहे हैं?
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके बाहर रहने की वजह टखने की चोट है।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और दो बार के एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता नीरज को लॉजेन डायमंड लीग में टखने में लिगामेंट में चोट लगी थी। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ 88.05 मीटर का थ्रो किया था।
नीरज की गैरमौजूदगी में भारत की ओर से रोहित यादव और यशवीर सिंह भाला फेंक स्पर्धा में उतरेंगे। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस सत्र में रोहित और यशवीर एशिया के तीसरे और चौथे सर्वश्रेष्ठ थ्रो वाले खिलाड़ियों में हैं।
स्वर्ण पदक के लिए श्रीलंका के रुमेश पथिराज को प्रमुख दावेदार बताया गया है। उन्होंने इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो किया है।
पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम भी इस स्पर्धा में उतरेंगे। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वापसी की कोशिश करेंगे, जहां वह सातवें स्थान पर रहे थे।
5. भारत के मुकाबले देखने के लिए दिन कैसे प्लान करें?
भारत और जापान के समय में 3.5 घंटे का अंतर है। जापान भारत से साढ़े तीन घंटे आगे है। ऐसे में एशियन गेम्स के मुकाबले भारतीय समयानुसार सुबह जल्दी शुरू हो जाएंगे।
कुछ प्रतियोगिताएं भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे से शुरू होंगी और मुकाबले करीब शाम सात बजे तक चल सकते हैं।
रोइंग और शूटिंग के मुकाबले सुबह के समय होंगे और इनमें से ज्यादातर फाइनल दोपहर 12 बजे से पहले पूरे हो जाएंगे।
भारत के ज्यादातर हॉकी मुकाबले दोपहर के आसपास निर्धारित हैं। वहीं एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं 23 से 29 सितंबर तक होंगी। एथलेटिक्स के फाइनल दोपहर 2:30 बजे के बाद शुरू होंगे।
बैडमिंटन में टीमों के फाइनल 24 सितंबर को होंगे, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल 29 सितंबर को खेले जाएंगे।
कुश्ती की शुरुआत 30 सितंबर से होगी और अगले चार दिनों तक मुकाबले चलेंगे।
तीरंदाजी के मुकाबले भी सुबह शुरू होंगे। 30 सितंबर से तीन अक्तूबर तक पदक मुकाबले दोपहर से पहले होंगे।
मुक्केबाजी के मुकाबले 21 सितंबर से पूरे दिन खेले जाएंगे और इसके फाइनल दो अक्तूबर को होंगे।
इसलिए भारतीय दर्शकों के लिए सुबह के समय शूटिंग और रोइंग, दोपहर में हॉकी और बाद के समय एथलेटिक्स जैसे मुकाबलों पर नजर रखनी होगी।
6. एशियन गेम्स में भारत का इतिहास कैसा रहा है?
भारत एशियन गेम्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल था और उसने 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियन गेम्स से लेकर अब तक हर संस्करण में हिस्सा लिया है।
भारत ने एशियन गेम्स की मेजबानी भी दो बार की है। पहली बार 1951 में और फिर 1982 में भारत में एशियन गेम्स आयोजित हुए थे।
भारत का एशियन गेम्स में अब तक का सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन हांगझोउ 2023 में आया, जब भारतीय दल ने कुल 107 पदक जीते।
2006 के दोहा एशियन गेम्स के बाद से भारत ने हर संस्करण में कम से कम 50 पदक जीते हैं और लगातार शीर्ष आठ देशों में जगह बनाई है।
कुल मिलाकर एशियन गेम्स में भारत के लिए एथलेटिक्स सबसे सफल खेल रहा है। एथलेटिक्स में भारत ने 283 पदक जीते हैं। इसके बाद शूटिंग में 80 और कुश्ती में 65 पदक भारत के नाम हैं।
यानी एशियन गेम्स के इतिहास में एथलेटिक्स, शूटिंग और कुश्ती भारत के प्रमुख पदक दिलाने वाले खेल रहे हैं।
जर्सी का अनावरण करते खेल मंत्री मांडविया और पीटी उषा
- फोटो : ANI
7. एशियन गेम्स 2026 को लाइव कहां देख सकते हैं?
भारत में एशियन गेम्स 2026 का टेलीविजन प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। वहीं ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सोनी लिव वेबसाइट और एप पर उपलब्ध होगी।
ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत भारतीय समयानुसार 19 सितंबर को दोपहर 2:30 (ढाई) बजे से होगी और करीब शाम 4:30 (साढ़े चार) बजे तक जारी रहेगी।
समय का ध्यान रखना इसलिए भी जरूरी होगा क्योंकि जापान भारत से 3.5 घंटे आगे है और खेलों की शुरुआत के बाद कई मुकाबले भारतीय समयानुसार तड़के सुबह से ही शुरू हो जाएंगे।
एशियन गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक के रूप में मनु भाकर और तजिंदरपाल सिंह तूर को चुना गया था।
मनु भाकर दो ओलंपिक पदक जीत चुकी हैं और इस बार एशियन गेम्स में 10 मीटर और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
वहीं तजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स के मौजूदा शॉटपुट चैंपियन हैं। वह इस बार लगातार तीसरा एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।
हालांकि, ओपनिंग सेरेमनी से ठीक पहले दूसरे ध्वजवाहक को बदला गया। यानी तजिंदरपाल को समारोह के लिए जरूरी आधिकारिक किट मिलने में देरी के कारण यह बदलाव किया गया।
पवन सेहरावत हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम का हिस्सा रहे थे।