भारत के पैरा खिलाड़ियों ने एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन और पदक अपने नाम किए। पावरलिफ्टिंग में अशोक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि निशानेबाजी में मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत अपने नाम किया। वहीं, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में सृष्टि ने कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। मनीष ने रजत पदक के साथ लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया।
अशोक ने पावरलिफ्टिंग में जीता रजत
भारत के 37 वर्षीय पावरलिफ्टर अशोक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम स्पर्धा में 192 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। चीन के पैरालंपिक चैंपियन जोउ यि ने 216 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि इंडोनेशिया के मारगोनो को कांस्य पदक मिला। हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले अशोक ने 187 किलोग्राम वजन उठाकर शुरुआत की। इसके बाद अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 192 किलोग्राम वजन उठाया। हालांकि, वह अंतिम प्रयास में 201 किलोग्राम वजन उठाने में सफल नहीं हो सके।
अशोक को बचपन में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेल में अपनी पहचान बनाई और अब एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। पैरा पावरलिफ्टिंग बेंच प्रेस पर आधारित स्पर्धा है, जिसमें खिलाड़ियों के शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत की परीक्षा होती है। इसमें अलग-अलग वजन श्रेणियों में मुकाबले होते हैं। इस खेल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के कूल्हों या पैरों में शारीरिक अक्षमता होती है।
मनीष नरवाल ने रजत के साथ हासिल किया पैरालंपिक कोटा
भारत के अनुभवी पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीता। उन्होंने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233.7 अंक हासिल करके दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रदर्शन के साथ मनीष ने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया।
हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले अर्जुन पुरस्कार विजेता मनीष लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। उनसे पहले सोमवार को मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 241.3 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। चीन के यांग चाओ ने कांस्य पदक हासिल किया। भारत के रुद्रांक्ष खंडेलवाल 127.3 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे।
मनीष का इस स्पर्धा में यह एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में उन्हें कांस्य पदक मिला था।
सृष्टि ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता कांस्य
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज सृष्टि ने 214.7 अंक हासिल करके कांस्य पदक जीता। उन्होंने फाइनल में तीसरा स्थान हासिल करते हुए भारत के पदक खाते में एक और पदक जोड़ा। ईरान की फैजेह अहमदी ने 237.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि उनकी हमवतन सारेह जवानमर्दी 237.0 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहीं। भारत की दूसरी निशानेबाज सुमेधा पाठक 111.4 अंक के साथ फाइनल से बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।
एसएच1 श्रेणी में ऐसे निशानेबाज हिस्सा लेते हैं, जिन्हें निचले या ऊपरी अंगों में शारीरिक अक्षमता होती है, लेकिन वे बिना किसी सहारे के बंदूक पकड़ सकते हैं। इस तरह अशोक और मनीष के रजत तथा सृष्टि के कांस्य पदक ने एशियाई पैरा खेलों में भारत की पदक तालिका में तीन और पदक जोड़ दिए। मनीष की उपलब्धि खास रही, क्योंकि उनके रजत पदक के साथ लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी भारत के खाते में आया।