पेरिस ओलंपिक में भारत को जिस एथलीट से स्वर्ण की उम्मीद थी, उन्हें रजत के साथ संतोष करना पड़ा। जी हां हम बात कर रहे हैं नीरज चोपड़ा की। नीरज भाला फेंक के फाइनल में 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक पाकिस्तान के अरशद नदीम ने जीता। उन्होंने 92.97 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। नदीम ने पांच लीगल थ्रो किए, इनमें से दो प्रयास उनके 90+ मीटर के रहे। नदीम का आखिरी प्रयास 91.79 मीटर का रहा। नदीम ने पहला प्रयास में फाउल किया था। वहीं, तीसरे प्रयास में उन्होंने 88.72 मीटर थ्रो, चौथे प्रयास में 79.40 मीटर थ्रो और पांचवें प्रयास में 84.87 मीटर थ्रो किया।
92.97 मीटर के थ्रो के साथ पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड भी बना दिया। इससे पहले जेवलिन थ्रो में ओलंपिक रिकॉर्ड एंड्रियास थोरकिल्डसेन के नाम था। एंड्रियास ने 23 अगस्त 2008 को बीजिंग ओलंपिक में 90.57 मीटर दूर भाला फेंककर रिकॉर्ड बनाया था, जो कि अब अरशद के नाम हो चुका है। जेवलिन थ्रो का वर्ल्ड रिकॉर्ड चेक गणराज्य के खिलाड़ी के नाम दर्ज है। तीन बार के वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन चेक गणराज्य के दिग्गज एथलीट जान जेलेज्नी ने जर्मनी में एक एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान साल 1996 में 98.48 मीटर का थ्रो किया था और विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है।
कैसा रहा नीरज का प्रदर्शन
भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा की बात करें तो उनका पहला थ्रो फाउल हो गया था, उनका पैर लाइन को टच कर गया। इसके बाद नीरज ने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर दूर भाला फेंका था। इसके बाद नीरज चोपड़ा का तीसरा, चौथा, पांचवां और छठा थ्रो फाउल रहा। नीरज ने छह प्रयास में से पांच में फाउल किए। टोक्यो ओलंपिक 2020 में सात अगस्त का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। साल 2021 में इस दिन नीरज ने स्वर्ण पर कब्जा जमाया था। टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण अपने नाम किया था। उस साल नदीम पांचवें स्थान पर रहे थे।
पाकिस्तान को 32 साल बाद पदक
नदीम ने 32 साल बाद पाकिस्तान को पदक दिलाया है। इससे पिछला पदक पाकिस्तान ने साल 1992 में बार्सिलोना में हुए ओलंपिक में जीता था। तब पाकिस्तानी पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। पाकिस्तान को ओलंपिक में मिला यह चौथा स्वर्ण है। हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धा में नदीम पाकिस्तान के लिए स्वर्ण जीतने वाले पहले एथलीट हैं। इससे पहले 1960 रोम ओलंपिक, 1968 मेक्सिको ओलंपिक और 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पुरुष हॉकी टीम ने स्वर्ण जीता था। वहीं, व्यक्तिगत स्पर्धा में 1960 रोम ओलंपिक में कुश्ती में कांस्य और 1988 सियोल ओलंपिक में हुसैन शाह ने मुक्केबाजी में कांस्य जीता था। पाकिस्तान का यह ओलंपिक में कुल 11वां पदक है।