विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता और एशियाई चैंपियनशिप तथा ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान अमित कुमार दहिया इस वर्ष ‘अर्जुन पुरस्कार’ के लिए उन्हें नजरअंदाज किए जाने से खासे आहत है। अमित को पूरी उम्मीद थी कि उनकी शानदार उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए जरूर चुना जाएगा लेकिन उनके लिए सबसे हैरानी की बात यह रही कि उनकी फाइल ही अवॉर्ड कमेटी के पास नहीं पहुंची।
द्रोणाचार्य अवॉर्डी महाबली सतपाल के शिष्य अमित ने कहा, ‘मैं इससे ज्यादा औैर क्या कर सकता था। मैंने गत वर्ष विश्व चैंपियनशिप में रजत और एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता। मैंने 2012 में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीता था जबकि 2014 में मैंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीता। क्या अर्जुन पुरस्कार पाने के लिए यह उपलब्धियां पर्याप्त नही हैं।’ इस बीच अमित के छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े के कोच वीरेंद्र ने एक आरटीआई दाखिल की है कि आखिर अमित की फाइल अवॉर्ड कमेटी के पास कैसे नहीं पहुंच पाई।