भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी को विश्व ब्लिट्ज चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ी नोदिरबेक अब्दुसातोरोव के खिलाफ हार मिली जिससे उन्हें मंगलवार को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, गत चैंपियन मैग्नस कार्लसन विषम परिस्थितियों से उबरते हुए फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। आठ बार के विश्व ब्लिट्ज चैंपियन ने सेमीफाइनल में अमेरिका को फाबियानो कारुआना को 3-1 से हराया। वहीं, खिताबी मुकाबले में उनका सामना अब्दुसातोरोव से हुआ। कार्लसन ने टूर्नामेंट अपने नाम किया।
पीएम मोदी ने भी एरिगेसी को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने लिखा, 'शतरंज में भारत की प्रगति लगातार जारी है! फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने पर अर्जुन एरिगेसी को बधाई। इससे पहले उन्होंने फिडे रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था। उनका कौशल, धैर्य और जुनून सराहनीय है। उनकी सफलता हमारे युवाओं को प्रेरित करती रहेगी। उन्हें मेरी शुभकामनाएं।'
एरिगेसी का शानदार रहा था प्रदर्शन
22 वर्षीय एरिगेसी भले ही फाइनल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष होगा कि वे रैपिड और ब्लिट्ज में दो विश्व कांस्य पदक जीतकर घर लौट रहे हैं। यह उपलब्धि विश्व के बहुत कम खिलाड़ियों ने हासिल की है। क्वालिफाइंग राउंड के दूसरे दिन भारतीय स्टार खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया था। दिग्गज कार्लसन और सेमीफाइनल में उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुसातोरोव जैसे खिलाड़ियों को चौंकाते हुए 13 मैचों में 10 अंकों के साथ एकमात्र बढ़त हासिल करने वाले एरिगेसी ने दूसरे दिन शेष छह राउंड में दृढ़ संकल्प के साथ जीत दर्ज की थी। उन्होंने चार दौर जीते और दो ड्रॉ किए, जिससे वे 15 अंकों के साथ एकमात्र लीडर बने रहे और नॉकआउट राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली थी। हालांकि, तमाम प्रयास के बावजूद वह सेमीफाइनल की बाधा पार नहीं कर सके।