भारत की अंजनाबेन बुंबाडिया ने पैरा एशियन गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में गुरुवार को स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहेडा को रजत पदक मिला। बुंबाडिया ने 59. 97 सेकेंड का समय निकाला और चार खिलाड़ियों में एक मिनट से कम का समय निकालने वाली अकेली प्रतियोगी रही। बेहेडा ने एक मिनट 00.65 सेकेंड का समय लिया। थाईलैंड की सासिरावान इंताचोत ने एक मिनट 02.58 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता।
टी12 स्पर्धा में तेजलबेन को रजत
महिला 400 मीटर टी12 स्पर्धा में दृष्टिबाधित तेजलबेन दामोर ने 57. 60 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता जो इन खेलों में उनका दूसरा पदक है। उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। टी47 श्रेणी में वे एथलीट आते हैं जिनकी कोहनी के नीचे से बाजू या कलाई कटी हुई है या ऊपरी अंग में कोई ऐसी ही कमी या खराबी है जिससे एक बाजू प्रभावित होती है।
तैराक कपिल कुमार ने भी दिलाया पदक
भारतीय तैराक कपिल कुमार ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 स्पर्धा में रजत पदक जीता। 26 वर्ष के कपिल ने चार मिनट 38. 44 सेकेंड का समय लिया। जापान के अकितो मिनाइ ने एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड समय (चार मिनट 27.44 सेकेंड) के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। ईरान के शाहीन इजादयार को कांस्य पदक मिला। एस10 श्रेणी में वे तैराक होते हैं जिनमें आमतौर पर शारीरिक कमियां बहुत कम होती हैं मसलन पैरों में कमजोरी, पैर न होना, घुटने के नीचे से पैर न होना, या कूल्हों से जुड़ी समस्याएं।
वहीं, भारत के स्वातिक पटेल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्ट्रोक एसबी9 वर्ग में कांस्य पदक जीता। स्वातिक ने 1:13.77 का समय लिया और वह तीसरे स्थान पर रहे। ईरान के सिना झेघामिनेजाद ने 1:09.47 समय के साथ स्वर्ण और ईरान के ही शाहीन इजादयार ने 1:13.23 समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। एसबी9 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनमें शारीरिक अक्षमता सबसे कम होती है। शारीरिक अक्षमता के वर्गीकरण में इस वर्ग के खिलाड़ियों की क्षमता सबसे अधिक मानी जाती है। पैरालंपिक तैराकी में एस, एसबी और एसएम उपसर्ग तैराकी की अलग-अलग शैलियों को दर्शाते हैं। एस का इस्तेमाल फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक और बटरफ्लाई स्पर्धाओं के लिए, एसबी का ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धाओं के लिए और एसएम का व्यक्तिगत मेडले स्पर्धाओं के लिए किया जाता है।