भारतीय एथलेटिक्स के उभरते सितारे अनिमेष कुजूर ने एक बार फिर अपनी रफ्तार से इतिहास रच दिया है। ओडिशा के इस धावक ने प्यूमा फास्ट आर्म्स फास्ट लेग्स 2026 मीट में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ 10.14 सेकंड में पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह विदेशी धरती पर 100 मीटर स्पर्धा में सबसे तेज दौड़ने वाले भारतीय बन गए। हालांकि, वह गुरिंदरवीर सिंह के राष्ट्रीय रिकॉर्ड 10.09 सेकंड से महज 0.05 सेकंड पीछे रह गए।
अनिमेष कुजूर
- फोटो : animesh_kujur_
विदेशी ट्रैक पर बनाया नया इतिहास
- अनिमेष ने फाइनल से पहले ही हीट में 10.19 सेकंड का समय निकालकर अपनी शानदार फॉर्म का संकेत दे दिया था।
- फाइनल में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 10.14 सेकंड का समय निकाला, जो उनका नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) भी है।
- इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ समय 10.15 सेकंड था। यह किसी भी भारतीय धावक द्वारा विदेशी धरती पर 100 मीटर में दर्ज किया गया सबसे तेज समय है।
- वहीं भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में यह दूसरा सबसे तेज समय भी है।
- अनिमेष अब भारत के सबसे तेज धावकों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। देश के पांच सबसे तेज 100 मीटर समय में उनके नाम तीन रिकॉर्ड दर्ज हैं।
भारत के सबसे तेज 100 मीटर समय
- गुरिंदर सिंह – 10.09 सेकंड
- अनिमेष कुजूर – 10.14 सेकंड
- अनिमेष कुजूर – 10.15 सेकंड
- गुरिंदर सिंह – 10.17 सेकंड
- अनिमेष कुजूर – 10.18 सेकंड
अनिमेष कुजूर
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200 मीटर में भी एशियन गेम्स के लिए कर चुके हैं क्वालिफाई
इससे पहले जून में ओडिशा के अनिमेष ने इंटर-स्टेट राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 20.74 सेकंड का समय निकालकर एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था। उन्होंने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के 20.88 सेकंड के क्वालिफिकेशन मानक को आसानी से पार कर लिया था। हालांकि, अनिमेष अपने समय से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे।
उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मैं यहां समय निकालने के लिए नहीं आया था। मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करना था। अब जब मैंने यह हासिल कर लिया है तो मेरा पूरा ध्यान एशियन गेम्स से पहले अपने प्रदर्शन में और सुधार करने पर रहेगा।'
अनिमेष कुजूर
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कोच ने बताया क्या थी रणनीति
अनिमेष के कोच मार्टिन ओवेन्स ने कहा कि लगातार प्रतियोगिताओं और लंबी यात्रा के कारण उनका मुख्य लक्ष्य तेज समय नहीं, बल्कि क्वालिफिकेशन हासिल करना था। उन्होंने कहा, 'मैं चाहता था कि अनिमेष अच्छा प्रदर्शन करें और क्वालिफिकेशन हासिल करें। एशियन रिले चैंपियनशिप से लौटने के बाद हम काफी थके हुए थे और उन्हें रिकवरी का ज्यादा समय नहीं मिला था।'
अनिमेष कुजूर
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200 मीटर पसंदीदा, लेकिन 100 मीटर में मिल रही बड़ी सफलता
अनिमेष पहले भी कई बार कह चुके हैं कि 200 मीटर उनकी पसंदीदा स्पर्धा है, लेकिन पिछले एक साल में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां 100 मीटर में आई हैं। उन्होंने कहा, 'मैं कई बार कह चुका हूं कि 200 मीटर मेरी पसंदीदा स्पर्धा है और मुझे इसमें दौड़ना सबसे ज्यादा पसंद है। लेकिन भारत में मुझे 200 मीटर में ज्यादा प्रतिस्पर्धा नहीं मिलती। 100 मीटर में गुरिंदर, मणिकांता और प्रणव जैसे धावक हैं, जो मुझे बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। शायद यही वजह है कि मेरे बेहतरीन प्रदर्शन 100 मीटर में आए हैं।'