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Amar Ujala Samwad: राजनीति या खेल, विजेंदर सिंह को क्या है ज्यादा पसंद? संवाद में इस मुक्केबाज से मिलेगा जवाब

Mon, 14 Apr 2025 04:34 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

इस कार्यक्रम में खेल और फिल्म जगत की हस्तियों से लेकर राजनीति के पुरोधा जुटेंगे। 17 अप्रैल को संवाद का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत के जाने-माने मुक्केबाज विजेंदर सिंह भी शिरकत करेंगे। इस दौरान उनसे खेल पर चर्चा होगी।
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विजेंदर सिंह - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार और शुक्रवार (17 व 18 अप्रैल) को होने वाले अमर उजाला के वैचारिक संवाद कार्यक्रम में देश की जानी मानी शख्सियतों, नीति नियंताओं, विचारकों और विशेषज्ञों के विचार जानने और उनसे रूबरू होने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम में खेल और फिल्म जगत की हस्तियों से लेकर राजनीति के पुरोधा जुटेंगे। 17 अप्रैल को संवाद का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत के जाने-माने मुक्केबाज विजेंदर सिंह भी शिरकत करेंगे। इस दौरान उनसे खेल पर चर्चा होगी।
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कॉलेज के दिनों से था मुक्केबाजी का शौक
29 अक्तूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्मे विजेंदर के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राइवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं। विजेंदर सिंह को कॉलेज के दिनों से ही मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक था, वह इसकी प्रैक्टिस भिवानी बॉक्सिंग क्लब में करते थे। उन्होंने कोचिंग का प्रशिक्षण भारतीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्श सिंह संधू से लिया है। 17 मई, 2011 को विजेंदर ने अर्चना सिंह को हमसफर बनाया। अर्चना दिल्ली की रहने वाली हैं और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं।

2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था कांस्य
विजेंदर को साल 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। विजेंदर बीजिंग ओलंपिक में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट थे। 

हरियाणा सरकार ने दी थी डीएसपी की पोस्ट
पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने बॉक्सिंग में विजेंदर की उपलब्धियों के चलते उन्हें सम्मान स्वरूप हरियाणा पुलिस में डीएसपी की पोस्ट दी थी। 2008 में विजेंद्र ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा। 39 वर्षीय विजेंदर अभी पेशेवर सर्किट में खेल रहे हैं हालांकि उन्होंने 2022 के बाद से कोई मुकाबला नहीं लड़ा है।

राजनीति में भी लगा चुके दांव
विजेंदर राजनीति में भी सक्रिय हैं। उन्होंने 2024 में भाजपा का दामन थामा था। इससे पहले वह कांग्रेस का हिस्सा थे।  उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था लेकिन असफल रहे। 
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