फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Samwad: 'अमर उजाला संवाद हरियाणा' में लगेगा खेल जगत के सितारों का मेला; इशांत-योगेश्वर और जेस्मिन होंगे शामिल

Wed, 17 Dec 2025 05:16 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला संवाद 2025 का आयोजन आज गुरुग्राम में होने जा रहा है, जहां खेल, मनोरंजन और राजनीति जगत की कई दिग्गज हस्तियां हिस्सा लेंगी। इस मंच पर क्रिकेटर इशांत शर्मा, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त और विश्व चैंपियन मुक्केबाज जेस्मिन लंबोरिया युवाओं से संवाद करेंगे। यह आयोजन संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की कहानियों के जरिए नई पीढ़ी को सीधे अपने खेल नायकों से जोड़ने का काम करेगा।
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद 2025 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा इस बार खेल, संस्कृति और संवाद का बड़ा मंच बना है। अमर उजाला संवाद 2025 का आयोजन 17 दिसंबर यानी आज गुरुग्राम में हो रहा है, जहां खेल, मनोरंजन और राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं। खास बात यह है कि इस मंच पर देश के तीन बड़े खेल सितारे, क्रिकेटर इशांत शर्मा, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त और विश्व चैंपियन मुक्केबाज जेस्मिन लंबोरिया, एक साथ नजर आएंगे। संघर्ष, सफलता और प्रेरणा की इन कहानियों के जरिए संवाद का यह मंच युवाओं को सीधे अपने नायकों से जोड़ने का काम करेगा।
विज्ञापन

इशांत शर्मा - फोटो : IPL
इशांत शर्मा: लंबी दौड़ का तेज गेंदबाज

दिल्ली में जन्मे इशांत शर्मा ने महज 18 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। लंबे कद, तेज रफ्तार और जुझारूपन ने उन्हें भारत के भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल किया। 100 से ज्यादा टेस्ट खेलने वाले इशांत ने टेस्ट क्रिकेट में 300 से अधिक विकेट झटके और विदेशी पिचों पर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। लंबे बाल और 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार उनकी पहचान बने। करियर में उतार-चढ़ाव के बावजूद इशांत ने खुद को साबित किया और आज भी युवा गेंदबाजों के लिए प्रेरणा हैं।

Samwad 2025: पिता ने पसीने की कमाई से बेटे को बनाया सितारा, पढ़ें टीम इंडिया के स्टार इशांत के संघर्ष की कहानी

योगेश्वर दत्त - फोटो : ओलंपिक
योगेश्वर दत्त: मिट्टी के अखाड़े से ओलंपिक पोडियम तक

हरियाणा के भैंसवाल कलां गांव से निकले योगेश्वर दत्त ने भारतीय कुश्ती को नई पहचान दी। 14 साल की उम्र में घर छोड़कर छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे योगेश्वर ने संघर्ष, चोट और निजी दुखों के बावजूद हार नहीं मानी। 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा और देशभर में प्रेरणा बने। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक जीतने वाले योगेश्वर के लिए कुश्ती जीवन का आधार रही। संन्यास के बाद भी वे मेंटर के रूप में भारतीय कुश्ती की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

Amar Ujala Samwad: योगेश्वर दत्त की संघर्ष, साहस और सपनों से भरी कहानी; हार, चोट और दर्द से लड़कर रचा इतिहास
विज्ञापन

जेस्मिन लंबोरिया - फोटो : ANI
जेस्मिन लंबोरिया: विरासत से विश्व स्वर्ण तक

हरियाणा की जेस्मिन लंबोरिया ने भारतीय महिला मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। महान बॉक्सर हवा सिंह की परंपरा से निकली जेस्मिन ने पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और इसके बाद 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप और विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने खुद को विश्व चैंपियन बनाया। जेस्मिन आज देश की युवा खिलाड़ियों के लिए यह संदेश हैं कि संघर्ष से ही स्वर्णिम सफलता निकलती है।

Samwad 2025: जहां विरासत बनी ताकत! हरियाणा की मुक्केबाज जेस्मिन लंबोरिया के विश्व चैंपियन बनने का सफर; पढ़ें
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें