द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता आरबी रमेश, भारतीय टीम के मुख्य कोच एन श्रीनाथ, भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अभिजीत कुंटे, ग्रैडमास्टर प्रवीण थिप्से और ग्रैंडमास्टर तेजस बाकरे जैसे शीर्ष भारतीय कोच ने इन सेमिनार में कोच के रूप में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने उभरती हुई प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सेमिनार आयोजित करने का फैसला किया है। इसके तहत एआईसीएफ इस साल 10 और अगले साल जनवरी में एक फिडे ट्रेनिंग सेमिनार की मेजबानी करेगा। इन सेमिनार का उद्देश्य भारतीय शतरंज प्रशिक्षकों को सभी स्तरों की उभरती प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सशक्त बनाना है।
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इस सेमिनार की शुरुआत अगस्त में विजयवाड़ा में होगी और अंतिम सेमिनार जनवरी 2026 में रांची में होगा। देश के अन्य शहरों में भी सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। टीआरजी (फिडे प्रशिक्षक आयोग) के अध्यक्ष सामी खादर ने कहा, पहली बार हम एक राष्ट्रीय महासंघ को एक ही कैलेंडर वर्ष में 10 फिडे ट्रेनर सेमिनार आयोजित करते हुए देख रहे हैं और 11वें सेमिनार का प्रस्ताव जनवरी के लिए पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। एआईसीएफ की यह उत्कृष्ट पहल शतरंज प्रशिक्षकों को विकसित करने और पूरे क्षेत्र में प्रशिक्षण मानकों को ऊंचा उठाने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता आरबी रमेश, भारतीय टीम के मुख्य कोच एन श्रीनाथ, भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अभिजीत कुंटे, ग्रैडमास्टर प्रवीण थिप्से और ग्रैंडमास्टर तेजस बाकरे जैसे शीर्ष भारतीय कोच ने इन सेमिनार में कोच के रूप में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।