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बॉक्सिंग टीम के साथ गए डॉक्टर को होटल से निकाला

Tue, 12 Mar 2013 12:47 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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आईबा का निर्देश नजरअंदाज करने का खामियाजा विदेशी धरती पर देश की किरकिरी के रूप में भुगतना पड़ा है। आईबा का प्रतिबंध हटने के बाद पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने सूबिक बे सिटी (फिलीपींस) गई जूनियर भारतीय टीम को उस वक्त शर्मसार होना पड़ा जब आईबा और आयोजकों ने टीम के साथ गए डॉक्टर को होटल में प्रवेश नहीं करने दिया।
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एशियाई यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए सोमवार को 10 बॉक्सरों व दो प्रशिक्षकों को होटल में प्रवेश दे दिया गया है। लेकिन गैर आधिकारिक रूप से टीम के साथ गए टीम के डॉक्टर को अपना अलग से इंतजाम करने को कह दिया गया है।

आईबा ने भारतीय बॉक्सरों पर प्रतिबंध हटाने से पहले एक शर्त साफ कर दी थी कि उन्हें अंतराष्ट्रीय कंपटीशनों में उसके झंडे तले खेलना होगा साथ ही बॉक्सरों और प्रशिक्षकों के अलावा कोई भी ऑफिशियल टीम के साथ नहीं आएगा।
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लेकिन प्रतिबंधित इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस टीम के साथ बतौर डॉक्टर निरमोलख सिंह का नाम भी जोड़ दिया। यह डॉक्टर न तो कैंप में इन बॉक्सरों के साथ रहे हैं और न ही उन्होंने उनके साथ कोई काम किया है। निरमोलख जम्मू-कश्मीर बॉक्सिंग संघ के सेक्रेटरी जरूर हैं।

सूत्रों की मानें तो जब बॉक्सिंग टीम सोमवार को सूबिक बे सिटी पहुंची तो आयोजकों ने टीम के साथ निरमोलख की मौजूदगी पर एतराज जताया। खास बात यह है कि डॉक्टर को सरकारी खर्च पर टीम के साथ भेजा गया है।

होटल से निकाले जाने की स्थिति में डॉक्टर रिंग में बॉक्सरों के साथ नहीं जा सकते हैं। यही नहीं, टीम को आईबा के झंडे तले खेलना है लेकिन आईबीएफ की ओर से भेजी गई प्रेस विज्ञप्ति में बॉक्सरों ने भारतीय झंडे व स्पांसर की जर्सी पहन रखी है। लेकिन इसमें कही निरमोलख सिंह का जिक्र नहीं है।

आईबीएफ के सेक्रेटरी जनरल राजेश भंडारी स्वीकार करते हैं कि निरमोलख को होटल से निकाला गया है। लेकिन वह आईबा के निर्देशों से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। डॉक्टर को टीम के साथ भेजे जाने का उद्देश्य जूनियर बॉक्सरों की देखभाल करना है।
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