'खेलों में भेदभाव'
हरविंदर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, खेलों में भेदभाव। उन्होंने कहा, टोक्यो 2020 पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया लेकिन पेरिस 2024 पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं का क्या? वही प्रतियोगिता, वही स्वर्ण, वही गौरव - वही पुरस्कार क्यों नहीं?
टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली निशानेबाज अवनि लेखरा, भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल और बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को ओलंपिक चैंपियन भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के साथ खेल रत्न से सम्मानित किया गया था।
हरविंदर के समर्थन में उतरे द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत
हरविंदर की खेल रत्न दिए जाने की मांग के समर्थन में अब राष्ट्रीय तीरंदाजी कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा भी उतर आए। उन्होंने कहा, वर्ष 2021 में सभी ओलंपिक पदक विजेताओं और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को खेल रत्न से सम्मानित किया गया और यह देखना बेहद प्रेरणादायक है कि सरकार हमारे खिलाड़ियों के अपार योगदान को मान्यता देना जारी रखती है। हालांकि मैं समझता हूं कि नीति अब बदल गई होगी जो मुझे हरविंदर सिंह की असाधारण उपलब्धियों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रेरित करती है।