यह किसी के लिए भी अविश्सनीय हो सकता है कि खेल के नौ साल बाद कोई एथलीट अपने देश के लिए इतिहास रचे। भारत की अंजू ने ऐसा ही नायाब कारनामा किया है।
पुरानी कहावत है कि इंतजार का फल मीठा होता है, और कुछ ऐसा ही हुआ भारत की लंबी कूद की महिला एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज के साथ।
2005 में मोनाको वर्ल्ड एथलेटिक्स के फाइनल में चैंपियन बनने से चूकी अंजू का रजत पदक नौ साल बाद स्वर्ण (गोल्ड) में बदल गया है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी (आईएएएफ) ने लिया है।
डोप में फंसी चैंपियन
आईएएएफ ने रूसी खिलाड़ी तात्याना कोतोवा के डोप में दोषी पाए जाने के बाद अंजू के रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का फैसला किया है। आईएएएफ के इस फैसले पर खुशी जताते हुए अंजू ने कहा कि पिछले नौ साल उन्होंने काफी निराशा में बिताए हैं लेकिन इंतजार का फल मीठा रहा।
इस गोल्ड के साथ ही अंजू ने एक नायाब उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। अंजू इस तरह की किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं।
अंजू ने कहा, "मुझे भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआई) ने बताया कि मुझे मोनाको वर्ल्ड एथलेटिक्स के लिए स्वर्ण पदक मिलेगा। मैं काफी खुश हूं और इंतजार का फल मीठा होता है। मुझे अपने समय की लंबी कूद की शीर्ष रूसी एथलीटों पर हमेशा ही संदेह रहा है। मैं जानती थी कि वे डोप में फंस सकती थी।"
रूसी एथलीट तात्याना को पिछले साल डोप में पकड़ा गया था। 2005 में हेलसिंकी में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लिए गए उनके नमूनों में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया था।
काबिलेगौर है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करने वाले एथलीटों को पकड़ने के लिए 2004 एथेंस ओलंपिक से लेकर आठ साल पुराने नमूनों का फिर से परीक्षण करने का फैसला किया था।
इसी के तहत 2005 में हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स फाइनल्स में उस समय शामिल सभी आठ एथलीटों के नमूनों का दोबारा परीक्षण किया गया।
हालांकि भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन को अभी तक आधिकारिक रूप से इसकी सूचना नहीं मिली है लेकिन आईएएएफ ने अपनी वेबसाइट पर परिणामों को अपडेट कर अंजू को स्वर्ण पदक विजेता घोषित कर दिया है।
एथेंस ओलंपिक के परिणामों पर नजर
अंजू बॉबी जॉर्ज अब 2004 एथेंस ओलंपिक के परिणामों में भी इसी तरह के बदलाव की उम्मीद कर रही हैं। एथेंस ओलंपिक में अंजू पांचवें पायदान पर रही थी जबकि रूस की तीन एथलीट तात्याना लेबेडेवा, इरिना सिमागिनी और तात्याना कोतोवा पहले तीन स्थान पर रहीं थी। ऑस्ट्रेलिया की ब्रोनविन थॉम्पसन चौथे स्थान पर रही थी।
अंजू ने कहा, "सिमागिनी को 2006 में डोप पॉजिटिव पाए जाने के बाद रूसी महासंघ ने निलंबित कर दिया था। मुझे उम्मीद है कि इनके नमूनों का फिर से परीक्षण किया जाता है तो मुझे एथेंस ओलंपिक में पदक मिल सकता है।"