बीजिंग ओलंपिक के बाद से भारत को अब तक एक स्तरीय विदेशी पिस्टल कोच नहीं मिल पाया है। पिस्टल कोच की तलाश ने एनआरएआई को भी परेशान कर रखा है। यही कारण है कि एनआरएआई ने स्तरीय पिस्टल कोच के बारे में जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी बीजिंग ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अभिनव बिंद्रा के कंधों पर डाल दी है। कुछ विदेशी पिस्टल प्रशिक्षकों से एनआरएआई ने संपर्क साधा है। यह कोच कितने योग्य हैं यह पता लगाने का जिम्मा बिंद्रा को सौंपा गया है।
बिंद्रा की रिपोर्ट मिलने पर पिस्टल कोच से अनुबंध सिरे चढ़ाया जाएगा। एनआरएआई को सर्बिया के पिस्टल कोच सर्गेई गुमेनिअक के साथ इसी देश के एक अन्य प्रशिक्षक का आवेदन मिला है। लंदन ओलंपिक से ठीक पहले रूसी कोच अनातोली पिदुबेनयी को अनुबंधित किया गया था। लेकिन कुछ पिस्टल शूटरों का उनसे तालमेल नहीं बन पा रहा था। नतीजन लंदन ओलंपिक के बाद उनके अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया गया। तब से एनआरएआई नए पिस्टल कोच की तलाश में है। इस बार कहीं चूक न हो जाए इसके लिए अभिनव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एनआरएआई अध्यक्ष रणइंदर सिंह कहते हैं कि बिंद्रा इंटरनेशनल स्पोर्ट्स शूटिंग फेडरेशन के एथलेटिक कमीशन के सदस्य हैं। वह अपना ज्यादातर समय यूरोप में ट्रेनिंग और कंपटीशन में बिताते हैं। वह ज्यादातर प्रशिक्षकों व उनकी योग्यता से वाकिफ हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें पिस्टल प्रशिक्षकों की छानबीन करने को कहा गया है।
रणइंदर साफ करते हैं कि दिक्कत सिर्फ पिस्टल कोच को लेकर है। साई के साथ 20 फरवरी को होने जा रही बैठक में जूनियर ट्रैप व डबल ट्रैप शूटरों के लिए डेनियाला डेल डिन, स्कीट के लिए इयोन फॉल्को का अनुबंध तय है। जूनियर राइफल शूटरों के लिए लाजलो सुजैक से बात चल रही है। उनसे उनकी 15 हजार डॉलर की डिमांड कम करने को कहा गया है। अभी भी समझौता जारी है। उनसे अनुबंध होने की पूरी उम्मीद है। सीनियर ट्रैप, डबल ट्रैप में मार्सेलो द्रादी से अनुबंध जारी रखा जाएगा।