एशियन अंडर-19 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के नौ मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि छह खिलाड़ियों ने कांस्य पदक अपने नाम किए। वहीं, इससे पहले अंडर-23 वर्ग में भी भारत के आठ मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे थे, जिससे पदकों की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को खेले गए अंडर-19 वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के नौ मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि छह मुक्केबाजों ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
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अंडर-19 महिला वर्ग में भारत का दबदबा
अंडर-19 महिला वर्ग में भारत की सभी आठों मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
चाहत (60 किग्रा) ने चीनी ताइपे की पेई-चुन त्साई को 5-0 से हराया।
अंशिका (75 किग्रा) ने चीनी ताइपे की आन-ची त्सेंग को पहले राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट) से मात दी।
मेघा श्योकंद (80 किग्रा) की प्रतिद्वंद्वी वियतनाम की मुक्केबाज मुकाबला जारी नहीं रख सकीं, जिससे मेघा सीधे फाइनल में पहुंच गईं।
प्राची तोकस (+81 किग्रा) ने चीनी ताइपे की शू-शियान वांग को पहले राउंड में आरएससी से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
इससे पहले जीत दर्ज करने वाली भारतीय मुक्केबाजों के साथ अब अंडर-19 महिला वर्ग में भारत की सभी आठ खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुकी हैं।
अंडर-19 पुरुष वर्ग में दो भारतीय फाइनल में
पुरुष वर्ग में भारत के दो मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई।
आदित्य (55 किग्रा) ने दक्षिण कोरिया के ह्योनमिन ली को दूसरे राउंड में आरएससी से हराया।
शुभम राजपूत (90 किग्रा) ने किर्गिस्तान के आइतबेक बेर्दिमुरातोव को 3-2 के करीबी मुकाबले में शिकस्त दी।
वहीं, सेमीफाइनल में हारने वाले छह भारतीय मुक्केबाजों को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
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अंडर-23 वर्ग में भी भारत का शानदार प्रदर्शन
रविवार को खेले गए अंडर-23 वर्ग के मुकाबलों में भारत के आठ मुक्केबाजों ने फाइनल में प्रवेश किया था।
अंडर-23 महिला वर्ग
महिला वर्ग में पांच भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचीं।
निशा (54 किग्रा) ने दक्षिण कोरिया की ह्येजू ली को हराया।
निकिता चंद (60 किग्रा) ने जापान की सारी कोकुफू को मात दी।
काजल (65 किग्रा) ने किर्गिस्तान की गुलजीना मेल्सवेक को हराया। इस मुकाबले में रेफरी को भारतीय मुक्केबाज के दबदबे के कारण मुकाबला रोकना पड़ा।
मुस्कान (75 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की तोइरोवा ओयशा को 5-0 से हराया।
प्रियंका (+80 किग्रा) ने कजाखस्तान की पानार सेइतखानकिजी को 5-0 से शिकस्त दी।
अंडर-23 पुरुष वर्ग
पुरुष वर्ग में तीन भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे।
विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) ने फिलीपींस के प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराया।
गंगा (55 किग्रा) ने जापान के मुक्केबाज को 3-2 के विभाजित फैसले से मात दी।
वंशज (65 किग्रा) ने किर्गिस्तान के प्रतिद्वंद्वी को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
अंडर-23 वर्ग में सात कांस्य पदक
अंडर-23 महिला वर्ग में तनु (51 किग्रा), प्राची (57 किग्रा), शिवानी (70 किग्रा) और नैना (80 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते।
वहीं, अंडर-23 पुरुष वर्ग में हितेश (70 किग्रा), नीरज (75 किग्रा) और ईशान कटारिया (+90 किग्रा) ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
भारत के मुक्केबाजों के इस शानदार प्रदर्शन से चैंपियनशिप में देश के स्वर्ण पदकों की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।