अलमाटी (कजाखस्तान) में चल रही विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सभी पांच भारतीय मुक्केबाज पदक की होड़ से बाहर हो गए हैं।
भारतीय मुक्केबाजों का क्वार्टर फाइनल में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और कोई मुक्केबाज सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका। विश्व चैंपियनशिप में पहली बार भारत के पांच मुक्केबाज क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
पिछले चार साल में पहली बार भारतीय दल बिना पदक खाली हाथ स्वदेश लौटेगा।
बुधवार को शिवा थापा को 56 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में अजरबैजान के जाविद चालेबियेव ने 3-0 से करारी शिकस्त दी जबकि छठवीं सीड मनोज कुमार को 64 किग्रा वर्ग में क्यूबा के यासनियर लोपेज ने भी 3-0 से मात दी।
सुमित सांगवान 81 किग्रा वर्ग में विश्व के नंबर वन और टॉप सीड कजाखस्तान के आदिलबेक नियाजमबेतोव से हार गए।
इन तीन मुक्केबाजों के बाद अब उम्मीद सिर्फ 60 किग्रा वर्ग में विकास मलिक से बची थी। लेकिन उन्होंने भी निराश किया और वह ब्राजील के रोबसन कॉनसिकाओ से हार गए।
जबकि सतीश कुमार 91 से ज्यादा किग्रा वर्ग में चोटिल होने के कारण अनफिट हो गए। मंगलवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में दाई आंख के ऊपर चोट खाने वाले सतीश पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण बाउट नहीं खेले।
इस तरह स्थानीय मुक्केबाज इवान दाइच्को को सेमीफाइनल के लिए वॉकओवर दे दिया गया।